बाबा आए, पैसे लाए

अहा… इंदिरा का स्वर्णिम समाजवाद अब जाकर धरती पर उतर रहा है, दादी ने आपातकाल के अँगारे दिखाकर जिस संविधान को ‘समाजवादी’ बनवा दिया था अब जाकर उसी संविधान से शासित जनता को न्यूनतम आय की गारण्टी अर्थात यूनिवर्सल बेसिक इनकम का शिगूफा मिलने जा रहा है। लुटियंस के सहाफियों की लहालोट और परिवार दासों … Continue reading बाबा आए, पैसे लाए