‘कासगंज में नहीं तो क्या पाकिस्तान में निकलेगी तिरंगा यात्रा’

पिछले वर्ष गणतंत्र दिवस पर उत्तर प्रदेश के कासगंज में निकाली गई तिरंगा यात्रा पर ‘समुदाय विशेष’ के हमले और एक नवयुवक चंदन गुप्ता की हत्या ने इस बार प्रशासन को चौकन्ना कर रखा था।

इस वर्ष मृतक चंदन के पिता ने प्रशासन से तिरंगा यात्रा निकालने की अनुमति मांगी थी। लेकिन, हालात को देखते हुए प्रशासन ने उन्हें इजाजत नहीं दी। इसके बाद विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) की नेता साध्वी प्राची ने पुलिस के मना करने के बावजूद तिरंगा रैली निकाली।

पुलिस के मना करने के बावजूद साध्वी प्राची ने शहर में 300 मीटर की तिरंगा यात्रा निकाली। इसके बाद साध्वी प्राची ने कहा कि तिरंगा यात्रा पर प्रतिबंध गलत है। यह कासगंज में नहीं निकलेगी तो क्या पाकिस्तान में निकलेगी।

26 जनवरी को साध्वी प्राची पिछले साल उपद्रवियों की गोली का शिकार हुए चंदन गुप्ता के घर पहुंची। उल्लेखनीय है कि एक दिन पहले यानी 25 जनवरी को कासगंज में सैकड़ों पुलिसवालों ने सड़क पर मार्च किया था।

इस बार मामला संवेदनशील होने की वजह से पुलिस एहतियात बरत रही थी। लेकिन 26 जनवरी के ही दिन साध्वी प्राची पिछले साल उपद्रवियों की गोली का शिकार हुए चंदन गुप्ता के घर पहुंची। इसके बाद साध्वी प्राची ने तिरंगा यात्रा पर प्रतिबंध को गलत बताते हुए रैली निकाली।

इस बार गणतंत्र दिवस के मौके पर कासगंज में किसी भी अनहोनी से निपटने के लिए खास इंतज़ाम किए गए थे। असामाजिक तत्वों पर नजर रखी जा रही थी। कासगंज में करीब 85 पॉइंट को चिह्नित कर पुलिस बल, जिसमें पीएसी की दो कंपनी और एक आरएएफ की कंपनी शामिल थीं, की तैनाती की गई थी।

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