भीष्म, द्रोण प्रणम्य भी थे और वध्य भी, कभी पढ़िए तो महाभारत

मार्कस तुलियस सिसरो (Marcus Tullius Cicero) रोमन साम्राज्य काल के एक जानेवामे वक्ता, विचारक और राजनयिक थे। उनके एक प्रसिद्ध उद्धरण का अनुवाद यूं है- ‘राष्ट्र अपने मूर्ख और महत्वाकांक्षी लोगों के बावजूद ज़िंदा रहेगा, लेकिन भीतरघातियों से बचना कठिन कर्म है। बाहरी शत्रु तो झण्डा ले कर आता है, ये गद्दार तो अपनों में … Continue reading भीष्म, द्रोण प्रणम्य भी थे और वध्य भी, कभी पढ़िए तो महाभारत