चमचों और चाटुकार पत्रकारों, इधर भी दो ध्यान

प्रियंका वाड्रा आज से नहीं, बल्कि 1999 से राजनीति में सक्रिय है। अन्तर केवल इतना है कि उस समय से अब तक यह सक्रियता केवल 2 संसदीय सीटों (अमेठी, रायबरेली) तक ही सीमित रहती थी। मां-बेटे के 20-25 दिन लम्बे पूरे चुनाव अभियान के दौरान प्रियंका वाड्रा वहीं डेरा डाले रहती थीं। एक-एक गांव की … Continue reading चमचों और चाटुकार पत्रकारों, इधर भी दो ध्यान