मीज़ल्स और रूबेला का टीका लगा कर करें स्वस्थ बिहार का निर्माण

कक्षा 9 की 2 छात्राओं शाइस्ता नूर और नाजिया परवीन को स्वास्थ्य मंत्री की उपस्थिति में मीजल्स और रूबेला का टीका लगा कर की गई अभियान की शुरुआत

पटना 15 जनवरी 2019 : “राज्य सरकार ने स्वास्थ्य को लेकर कई अभियान चलाया है उसमें से यह मीजल्स रुबेला अभियान सबसे महत्वपूर्ण है जिसकी शुरुआत हम राज्य के एक प्रमुख विद्यालय से कर रहें है।

समाज के लोगों में जागरूकता फैलाने के साथ ही इस अभियान को सफल करें जिससे हम बच्चों को मीजल्स और रूबेला नामक संक्रामक बीमारियों से सुरक्षित करें और भविष्य के स्वस्थ बिहार का निर्माण करें “. उक्त उदगार स्वास्थ्यमंत्री श्री मंगल पांडेय ने आज मीजल रूबैला टीकाकरण अभियान की शुरूआत करते हुए व्यक्त किए।

यह टीकाकरण कार्यक्रम अगले 5 सप्ताह तक राज्य में चलने वाला है जिसमें 4 करोड़ बच्चों को टीका लगाया जायेगा. इसमें 94,000 शिक्षण संस्थानों में सवा २ करोड़ बच्चे को टीकाकरण दिया जायेगा.

इस दौरान कुल 18,000 टीकाकर्मियों के साथ ही 2 लाख स्वयंसेवी कार्यकर्ता और 5800 पर्यवेक्षक भी सहयोग कर रहे है। इसमें एक तरह तो हमारे स्वाथ्य विभाग के कर्मी इसमें जुटे हैं वही हमारे डेवलपमेंट पार्टनर जैसे यूनिसेफ, विश्व स्वास्थ्य संगठन, आईएमए, आई ए पी, रोटरी , लायंस क्लब और अन्य सामाजिक संगठनों के लोग सहयोग कर रहे है।.

ए.एन.एम बहनों से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि कुछ समाचार पत्रों के माध्यम से पता चला कि एएनएम बहनों के कुछ समूह हड़ताल की बात कर रहे हैं. पिछले कुछ समय से वेतन को लेकर कुछ विसंगतियां थी पर सरकार लगातार इस दिशा में काम कर रही है। सभी प्रखंडों से भुगतान सम्बंधित आकड़ें को मंगवाकर तैयारी कर रहे हैं. विभाग बहुत गंभीरता से इसे हल करने के लिए कार्य कर रही है . 2 महीने के अंदर आपके इस समस्या को हल कर लिया जायेगा. कोई भी समूह हड़ताल पर ना जाएं और अपना सहयोग इस अभियान को दे। अगर आपकी अनुपस्थिति से इस अभियान पर असर पड़ेगा तो ये 12 करोड़ जनता के साथ अन्याय होगा.

कार्यक्रम का शुभारंभ बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव, संजय कुमार, राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यकारी निदेशक लोकेश कुमार सिंह, निदेशक आईसीडीएस, अलोक कुमार, निदेशक, शिक्षा, सुशील कुमार, राज्य प्रतिरक्षण अधिकारी, डॉ एन के सिन्हा, यूनिसेफ के बिहार प्रमुख ( प्रभारी), शिवेंद्र पांड्या, यूनिसेफ के स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ हुब्बे अली, यंस क्लब इंटरनेशनल के डीजी डॉ संतोष कुमार, रोटरी इंटरनेशनल की डॉ बिंदु सिंह, आइएमए, बिहार के उपाध्यक्ष डॉ अजय कुमार, इंडियन एकेडेमी ऑफ़ पीडियाट्रिक्स, बिहार शाखा के डॉ एन के अग्रवाल, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी, पटना डॉ एस पी विनायक विश्व स्वास्थ्य संगठन, रिजनल टीमलीडर, बिहार डॉ विशेष कुमार, संचार विशेषज्ञ निपुण गुप्ता व्यवहार परिवर्तन विशेषज्ञ यूनिसेफ, मोना सिन्हा और राजकीय कन्या उच्च विद्यालय की प्रधानाचार्य एवं छात्रों की उपस्थिति में हवा में बैलून उड़ा कर और दीप जला कर किया।

स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने कहा कि अभी कुछ दिनों पहले भोजपुर के अगियाव में खसरा से 4 बच्चों की मौत हो गई है। लोग आमतौर पर खसरा से होने वाली मौत को चेचक से होने वाली मौत बताते है। हमारे बच्चे इस खतरनाक बीमारियों से मर रहे है. हमारा मूल मंत्र मीजल्स और रुबेला को इस राज्य से ख़त्म करना है. लोजिसस्टिक रूप से अगर देखे तो ये बहुत बड़ा काम है 5800 पर्यवेक्षक है, 1800 ए.एन.एम के साथ ही हजारों वैक्सीन कैरियर लगे है जो सभी सेशन साइट तक टीकों को पहुँचा रहे हैं।

यूनिसेफ बिहार के प्रमुख (प्रभारी ) शिवेंद्र पंड्या ने कहा कि यूनिसेफ एम आर अभियान में विभिन्न संचार चैनलों के माध्यम से मांग को बढ़ाने और जागरूकता फ़ैलाने से बिहार सरकार को अपना सहयोग दे रहा है। अभियान के दौरान यूनिसेफ सहयोगात्मक पर्यवेक्षण और सोशल मोबीलाईजेशन में भी सहयोग करेगा ।

यूनिसेफ के स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ हुब्बे अली ने कहा कि यह काफी महत्वपूर्ण है कि सभी बच्चों को टीकाकरण से पहले कुछ नास्ता कर लेना चाहिए. विश्व स्वास्थ्य संगठन के डॉ विशेष कुमार ने कहा कि खसरा कि वजह से पूरे विश्व में हर एक घंटे में 10 बच्चों की मौत हो जाती है. इससे 1 लाख 63 हज़ार बच्चों की मौत हो रही है. रूबेला के कारण बच्चे, दिल की बीमारियों, जन्मजात अंधापन और बहरापन के शिकार होते हैं. पूरे विश्व के १६३ देशों में इस टीके को लगाया जा चूका है और भारत में अब तक 22 करोड़ बच्चों को सुरक्षित ढंग से टीका लगाया जा चूका है. कार्यक्रम के बाद राजकीय कन्या उच्च विद्यालय की कक्षा 9 की 2 छात्राओं शाइस्ता नूर और नाजिया परवीन को स्वास्थ्य मंत्री की उपस्थिति में मीजल्स और रूबेला का टीका लगा कर इस टीकाकरण अभियान कि शुरुआत की गई.

कार्यक्रम का मंच सञ्चालन यूनिसेफ की सलाहकार प्रणिता कुमारी ने किया. इस अवसर पर राज्य स्वास्थ्य समिति, विश्व स्वास्थ्य संगठन, यूनिसेफ, स्वास्थ्य विभाग के प्रतिनिधियों के साथ ही राजकीय कन्या उच्च विद्यालय की लगभग 500 लड़कियां उपस्थित रही।

इसके अतिरिक्त जिला पदाधिकारी, सिविल सर्जन, जिला प्रतिरक्षण अधिकारियों ने जिलों में अधिकारियों, डेवलपमेंट पार्टनर, विभिन्न हितधारकों, स्कूल के शिक्षकों, छात्रों, मीडिया के साथ मिलकर स्कूलों में बच्चों का टीकाकरण करने वाली एएनएम और स्वास्थ्यकर्मियों की उपस्थिति में अभियान का शानदार तरीके से शुभारंभ किया।

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