ऐडिलेड वनडे जीत कर भारत ने बराबर की सीरीज़

ऑस्ट्रेलिया दौरे पर गई भारतीय क्रिकेट टीम ने ऐडिलेड में खेले गए दूसरे वनडे इंटरनैशनल क्रिकेट मैच में ऑस्ट्रेलिया को छह विकेट से हराकर तीन मैचों की सीरीज़ 1-1 से बराबर कर ली।

मंगलवार को खेले गए इस मैच में विराट कोहली की शतकीय पारी और महेंद्र सिंह धोनी की ‘फिनिशर’ की भूमिका ने भारत की विजय का मार्ग प्रशस्त किया।

इससे पहले ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 50 ओवरों में 9 विकेट के नुकसान पर 298 रन बनाए। इस प्रकार भारत को जीर के लिए 299 रण का लक्ष्य मिला, जिसे उसने चार गेंदें शेष रहते हुए सिर्फ चार विकेट गंवा कर हासिल कर लिया।

पहले बल्लेबाजी करते हुए ऑस्ट्रेलिया ने अपने दोनों सलामी बल्लेबाज आरोन फिंच (06) और एलेक्स कैरी (18) के विकेट जल्दी गंवा दिए। भुवनेश्वर ने फिंच को आउट किया, जबकि कैरी ने शमी के बाउंसर पर मिडविकेट पर धवन को कैच थमाया।

इसके बाद मार्श और उस्मान ख्वाजा (21) क्रीज पर आए जिन्होंने 65 गेंद में 56 रन जोड़े। इस साझेदारी को रविंद्र जडेजा ने तोड़ा जिनके सटीक थ्रो पर ख्वाजा 19वें ओवर में रन आउट हो गए।

मार्श ने बीच के ओवरों में सिराज की गेंदों की जमकर धुनाई की। सिराज ने दस ओवर में 76 रन दिये। वह करसन घावरी (11 ओवर में 83 रन, इंग्लैंड के खिलाफ 1975 में) के बाद अपने पदार्पण मैच में सबसे महंगे भारतीय गेंदबाज बन गए हैं।

हैंडसकॉम्ब (20) को 28वें ओवर में जडेजा ने चकमा दिया और धोनी ने स्टम्पिंग करने में कोई चूक नहीं की। हैंडसकॉम्ब ने हालांकि मार्श के साथ चौथे विकेट के लिए 52 रन जोड़कर ऑस्ट्रेलिया को 22वें ओवर में 100 रन के पार पहुंचाया।

मार्श ने मार्कस स्टोइनिस (29) के साथ पांचवें विकेट के लिए 55 रन जोड़े। शमी ने 37वें ओवर में स्टोइनिस को पविलियन भेजा। इसके बाद क्रीज पर आए मैक्सवेल ने पांच चौके और एक छक्का लगाकर ऑस्ट्रेलिया को 200 रन तक पहुंचाया। इस बीच मार्श ने 108 गेंदों में अपना शतक पूरा किया।

भुवनेश्वर ने 48वें ओवर में मैक्सवेल और मार्श को आउट किया जिससे ऑस्ट्रेलिया 300 रन के पार नहीं पहुंच सका। आखिरी तीन गेंद में हालांकि नाथन लायन ने 10 रन बनाकर टीम को उसके करीब पहुंचा दिया।

299 रन के लक्ष्य का पीछा करने के मामले में भारत को अपने दो सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों से पूरा सहयोग मिला। कोहली ने 112 गेंदों पर पांच चौकों और दो छक्कों की मदद से 104 रन बनाए जबकि पिछले मैच में अपनी धीमी बल्लेबाजी के कारण आलोचकों के निशाने पर रहे धोनी ने 54 गेंदों पर नाबाद 55 रन की पारी खेली और विजयी शॉट लगाकर वापस लौटे।

भारतीय कप्तान ने इस मैदान पर अपना पांचवां अंतरराष्ट्रीय शतक पूरा किया। उन्होंने तब जिम्मेदारी संभाली जबकि शिखर धवन (28 गेंदों पर 32 रन) तेजतर्रार शुरुआत देकर पविलियन लौट गए थे। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज को जैसन बेहरनडार्फ ने मिड ऑफ पर कैच कराया।

रोहित शर्मा (52 गेंदों पर 43 रन) और धवन ने पहले विकेट के लिए 47 रन जोड़े थे। रोहित ने इस साझेदारी के दौरान दर्शक की भूमिका निभायी थी। उन्होंने बाद में हाथ खोले और पीटर हैंडसकॉम्ब के बेहतरीन प्रयास से कैच आउट होने से पहले कोहली के साथ दूसरे विकेट के लिए 54 रन जोड़े।

कोहली ने रोहित के बाद अंबाती रायुडु (36 गेंदों पर 24 रन) के साथ भी 59 रन की साझेदारी निभायी लेकिन दर्शकों को क्रिकेट का असली आनंद तब देखने को मिला जब कोहली और धोनी क्रीज पर थे। इन दोनों ने चौथे विकेट के लिए 82 रन जोड़े।

कोहली ने जब आउट हुए तो भारत को 38 गेंदों पर 57 रन चाहिए थे। धोनी और दिनेश कार्तिक (14 गेंद पर नाबाद 25) क्रीज पर थे। इन दोनों ने फिनिशर की अपनी भूमिका से न्याय करते हुए टीम को लक्ष्य तक पहुंचाया। धोनी ने पहले लायन पर छक्का जड़ा और जब आखिरी ओवर में सात रन की दरकार थी तब बेहरनडार्फ की पहली गेंद छह रन के लिए भेजी। इससे उन्होंने अपना 69वां अर्धशतक भी पूरा किया।

आज के इस मैच में भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली ने 108 गेंदों पर वनडे में 39वां और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 64वां शतक पूरा किया। वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक शतक लगाने के मामले में सचिन तेंडुलकर (100) और रिकी पोंटिंग (71) के बाद तीसरे स्थान पर पहुंच गए हैं।

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