खतरे में कर्नाटक की काँग्रेस-जेडीएस सरकार, दो निर्दलियों ने छोड़ा साथ

पिछले कुछ समय से कर्नाटक की काँग्रेस-जेडीएस सरकार के भविष्य पर लग रही अटकलें मंगलवार को उस वक़्त सच साबित होती नज़र आईं जब इस गठबंधन सरकार से दो निर्दलीय विधायकों ने समर्थन वापस लेने का ऐलान कर दिया।

इन निर्दलीय विधायकों के नाम हैं – एच नागेश और आर शंकर। इस बीच खबर है कि कांग्रेस के 4 से 5 विधायक मुंबई में मौजूद हैं। उल्लेखनीय है कि कर्नाटक विधानसभा में कुल 224 सदस्य हैं। इसमें काँग्रेस के 80 और जेडीएस के 37 विधायक हैं, जबकि 104 विधायकों के साथ भाजपा सबसे बड़ी पार्टी है।

मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने भाजपा पर विधायकों की खरीद-फरोख्त और जेडीएस-कांग्रेस गठबंधन की सरकार गिराने की साजिश रचने का आरोप लगाया है। वहीं, किसी भी तरह की टूट से बचने के लिए भाजपा के सभी विधायक हरियाणा के एक रिजॉर्ट में रखे गए हैं।

कांग्रेस नेता और राज्य के कैबिनेट मंत्री जमीर अहमद ने भरोसा जताया है कि उनकी पार्टी का कोई विधायक पाला नहीं बदलेगा। जमीर अहमद का कहना है, ‘हमारी पार्टी के विधायकों को तोड़ने की कोई कोशिश की जाएगी तो हम चुप नहीं बैठेंगे। हम भी कुछ भाजपा विधायकों के संपर्क में हैं। हमने अपने 2-3 विधायकों से बात की थी जबकि अन्य विधायकों का मोबाइल स्विच ऑफ है। मैं आपको यकीन दिला सकता हूं कि कोई विधायक पार्टी नहीं छोड़ेगा।’

राज्य में बदलते सियासी हालात के बीच पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सिद्धारमैया ने भी कहा है कि भाजपा लगातार अलोकतांत्रिक रवैया अख्तियार कर रही है लेकिन कर्नाटक में उनकी सरकार पर कोई संकट नहीं है।

वहीं भाजपा भी पूरी तैयारी में नज़र आ रही है। किसी भी तरह के दल-बदल से बचने के लिए भाजपा ने अपने विधायकों को हरियाणा के गुरुग्राम से सटे नूंह में स्थित एक रिजॉर्ट में ठहराया है। पूर्व सीएम बीएस येदियुरप्पा भी पार्टी के सभी विधायकों के साथ यहीं रुके हुए हैं।

येदियुरप्पा के करीबी एक वरिष्ठ विधायक का कहना है कि भाजपा के पास 12 कांग्रेस विधायकों का समर्थन है और वह अब चार से पांच अन्य विधायकों के समर्थन का इंतजार कर रही है। लोकसभा चुनाव के साथ राज्य में मध्यावधि चुनाव या फिर सरकार बनाने में भाजपा के कामयाब होने का भरोसा जताते हुए विधायक ने कहा, ‘इस बार आपको कोई न कोई नतीजा देखने को मिलेगा।’

मुख्यमंत्री सीएम कुमारस्वामी ने कहा, ‘भाजपा हमारे विधायकों को लालच दे रही है। मुझे पता है कि कितना पैसा और गिफ्ट विधायकों को ऑफर किया जा रहा है। मुझे यह भी जानकारी है कि भाजपा ने मुंबई में किसके नाम से कमरे बुक कराए थे।’ उन्होंने यह भी कहा, ‘क्या आपको नहीं लगता कि मैं कुछ भाजपा विधायकों से इस्तीफा नहीं दिलवा सकता? लेकिन मैं अपनी शक्ति का दुरुपयोग नहीं करना चाहता।’

वहीं राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता येदियुरप्पा ने सत्ताधारी कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन के ज्यादातर विधायकों के नाराज होने का दावा करते हुए कहा, ‘भाजपा पर अंगुली उठाने की बजाए कुमारस्वामी को अपने विधायकों को एकजुट रखने की कोशिश करनी चाहिए।’

येदियुरप्पा ने कहा, ‘हमने नहीं बल्कि पहले उन्होंने (जेडीएस ने) पैसे और ताकत का इस्तेमाल करते हुए खरीद-फरोख्त की शुरुआत की है। वे हमारे विधायकों से संपर्क करने की कोशिश में लगे हैं। कलबुर्गी सीट से हमारे एक विधायक को खुद कुमारस्वामी ने मंत्री पद का ऑफर दिया है।’

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