पहली बार कह पाऊँगा उन्हें – हाँ, भारत में भी हिन्दू हैं

नरेंद्र मोदी ने 2014 में कहा था… बांग्लादेश का हिन्दू, पाकिस्तान का हिन्दू कहाँ जाएगा? अगर वह अपना घर छोड़ कर भागेगा तो भारत के अलावा कहाँ जाएगा? भारत दुनिया भर के हिंदुओं का घर है…

मेरे कुछ पाकिस्तानी और कुछ बांग्लादेशी हिन्दू मित्र हैं। वे भारत के हिंदुओं से ज्यादा हिन्दू हैं। उनके हृदय में जहाँ भारत के लिए प्रेम और श्रद्धा है वहीं इस बात का दर्द भी है कि भारत में उनके लिए कोई आवाज कभी नहीं उठती।

एक मित्र बताते हैं, सिंध में उनके गाँव से जब कोई भारत जाता है और वहाँ से काशी हरिद्वार में तीर्थ करके लौटता है तो जैसे पूरे गांव में उत्सव होता है।

गाजे बाजे के साथ उसका स्वागत होता है, फूलमाला पहना कर उसका स्वागत किया जाता है… लोग उसके पैर छूते हैं कि ये पैर उन पवित्र स्थानों से होकर आए हैं। भारत से बाहर रहने वाले हिन्दुओं के हृदय में भारत बसता है।

वहीं पूरे राजनीतिक परिदृश्य में कोई भी दिखाई नहीं देता जो उनकी ओर देखे, उनकी आवाज़ सुने। उनके परिवार के बहुत से लोग अपनी इज़्ज़त बचाने के लिए घर बार बेच कर किसी तरह भी भारत पहुँचे।

बहुत से लोग तो पैदल चल कर थार पार कर से राजस्थान पहुँचे। जो एक बार आ गए वे कभी वापस लौट कर अपने घर वालों से नहीं मिल सके। जब व्हाट्सएप्प आया तो उन्होंने वर्षों बाद अपने बिछड़े भाइयों का चेहरा देखा।

आजतक उन्हें भारत की नागरिकता नहीं मिली थी, यहाँ अवैध नागरिक बनकर रह रहे हैं। उनके माँ-पिता जो उस उम्र में अपना पुश्तैनी गाँव छोड़कर नहीं आ पाए, उनकी मृत्यु पर उनके अंतिम संस्कार में भी नहीं जा सके।

बांग्लादेश के घुसपैठियों और म्यामार के रोहिंग्या घुसपैठियों के लिए बोलने वाले सभी हैं… पाकिस्तान के हिंदुओं के लिए बोलने वाला कोई नहीं।

कोई भारतीय हिन्दू मिलता है तो उल्टा पूछता है – अच्छा, पाकिस्तान में भी हिन्दू हैं? तो वे जवाब में कहते हैं – आपको पता नहीं, पाकिस्तान में आज भी लाखों हिन्दू हैं… आप यह सोचिए भारत में भी हिन्दू हैं क्या? अगर हैं, तो उन्हें हम दिखाई क्यों नहीं देते?

आज उन्हें बताया – भारत में नागरिकता संशोधन विधेयक पास हो गया। आइए, भारत में स्वागत है। काशी हरिद्वार घूम लीजिये…

पहली बार कह पाऊँगा उन्हें – हाँ, भारत में भी हिन्दू हैं…

अब भारत में रहने वाले सहधर्मियों से शिकायत… हम सोचते हैं, मोदी हिंदुओं के बारे में कुछ क्यों नहीं बोलते?

यह भी देखिये – दो विधेयक आये… एक, सामान्य वर्ग के आरक्षण का, दूसरा, बांग्लादेश और पाकिस्तान से आये हिंदुओं को नागरिकता दिए जाने का।

सारा फेसबुक, सारा मीडिया आरक्षण की खबर से भरा पड़ा है। हिंदुओं की नागरिकता के विषय पर चुप्पी छाई है। अगर गूगल भी करो तो सिर्फ इतना ही दिखाई देता है कि असम में एजीपी (असम गण परिषद) ने विरोध किया और अल-जज़ीरा ने इसे मुसलमानों के विरुद्ध भेदभाव करार दिया है।

फेसबुक के प्रबुद्ध लोगों की पोस्ट्स से भी यह विषय गायब रहा। सभी आरक्षण के उत्साह में ही खोए रहे। जब आपके लिए भी यह बड़ा मुद्दा नहीं है तो राजनेताओं को क्या दोष देते हैं कि क्यों वे जातिवादी राजनीति करते हैं?

पिछले चार सालों में यह सबसे बड़ा हिन्दू-हित का काम है जो सरकार ने किया है। इसको सेलिब्रेट कीजिये, इसे बड़ी खबर बनाइये। हिन्दू होने का गर्व महसूस कीजिये और बाँटिये…

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