जीवनदीप : दोनों पैर गंवा चुके कलाकार को चाहिए आपका सहारा

कुछ बड़ी ज़िम्मेदारियों के चलते पिछले एक महीने से फेसबुक पर ज़्यादा वक़्त नहीं दे पा रहा हूँ, लेकिन आप सभी दोस्तों को बताना चाहूँगा कि जीवनदीप का सेवा कार्य ठीक वैसा ही चल रहा है, जैसे पहले चलता था। समय के साथ कुछ हमने नए बदलाव किये हैं जिन्हें समय के साथ आपको अवगत कराया जाएगा।

बीते वर्ष 2018 के आखिरी पलो में मेरी मुलाकात अभिषेक पाण्डेय (मऊ, यूपी निवासी) से हुई। इनका एक वीडियो वायरल हुआ था फेसबुक पर जिसके जरिये हमारी टीम इन तक पहुँच पायी। इस वीडियो में अभिषेक ..प्रधामंत्री महोदय और अपने राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी तक अपनी बात पहुँचाना चाह रहे थे। पर अफ़सोस वह बात उन तक नहीं पहुच पायी। पर वह वीडियो घूमते फिरते हमसे टकरा ही गया। बस कहानी यही से शुरू हुई।

अभिषेक ट्रेन से कहीं जा रहा था, पर कुछ असामाजिक तत्वों की लापरवाही के चलते अभिषेक ट्रेन से नीचे गिर गए और इस दुर्घटना में उनके दोनों दोनों पैर इनके प्राइवेट पार्ट के काफी करीब से कट गए। अभिषेक बताते हैं कि जब ये हुआ तो वह होश में थे, खून बहे जा रहा था ..लोग इस सोच में पड़े थे कि इसे उठाये कौन… और समय की बर्बादी के कारण खून हद से ज़्यादा बह गया। तो वहीं कुछ लोगों ने वीडियो बना और तस्वीर खींच कर भी अपनी मानवीयता का परिचय देने में कोई कसर नहीं छोड़ी। अभिषेक का परिवार इस त्रासदी से कैसे गुजरा वर्तमान में क्या कुछ वह झेल रहे हैं यह सिर्फ उनके अलावा कुछ चुनिन्दा लोग ही जानते हैं। घर गिरवी रख कर इलाज हो रहा है अभिषेक का ..इससे ज़्यादा क्या जाना चाहेंगे आप।

अभिषेक काफी पढ़े लिखे हैं। जब गाँव/शहर कहीं रामायण/महाभारत का मंचन होता था तो वो भिन्न भिन्न पात्रों का किरदार निभाया करते थे। उस समय इन्हें देखने के लिए काफी भीड़ आती थी। पर जब असल ज़िंदगी के किरदार निभाने की बारी आई तो उन्हीं लोगों ने इनसे किनारा कर लिया जो कल तक इनके लिए तालियाँ बजाते और वाहवाही करते नहीं थकते थे।

वैसे इसे ही दोगलापन कहते हैं। अभिषेक से जब बातें हुई तो पता चला कि इनके पास हॉस्पिटल बेड नहीं है। इस वजह से ठीक से खाना और दवाइयां दोनों नहीं खा पाते हैं। हॉस्पिटल बेड हो जाता तो लीवर घुमा कर सिराहने को ऊपर नीचे किया जा सकता है। मुझे सबसे पहली ज़रूरत बेड की दिखाई दी.. मेरी इस समस्या का हल निकालने आगे आये मेरे भाई अविनाश उपाध्याय , भाई संदीप यादव (अमन मूवमेंट रायपुर), उन्होंने अपने रिश्तेदार भाई विपिन यादव जी को उनके घर तक बेड पहुचाने की जिम्मेदारी दी। फिर अगले कुछ दिनों में जीवनदीप की तरफ से एक हॉस्पिटल बेड अभिषेक के घर पर सेवा में हाजिर था। इस भारी भरकम बेड को घर पहुँचाने का पूरा श्रेय भाई विपिन यादव को जाता है। आधी रात को यह बेड अपने लिए देख कर अभिषेक कितना खुश हुआ होगा यह वही जानता है।

आगे का ट्रीटमेंट प्रोटोकाल कुछ इस तरह होगा—
अभिषेक के एक हाथ की सर्जरी बची है। साथ ही पैर के घावों का पूरा सूखना बचा है। पैर ठीक हो जाने के बाद अभिषेक को बेहतर फिजियो थेरेपी के लिए ले जाना होगा, वहां उनके पैरों की नाप जोख देख कर कुछ ऐसी व्यवस्था करने पर जोर दिया जाएगा जिससे वह भविष्य में आगे खड़े हो सकें।

पैर काफी जड़ से कट गए हैं इसलिए बेहतर से बेहतर डॉक्टर से इलाज करवाने की प्राथमिकता है। अभिषेक की हर महीने की दवाइयों और बनारस इलाज के लिए आने जाने का खर्च करीब 15 हजार के आसपास आ जाता है, जो अगले कुछ महीनों जारी रहेगा। इस पूरे वर्ष हमारी यह कोशिश होगी कि अभिषेक को जल्द से जल्द उसके पैरो में खड़ा किया जा सके। फ़िलहाल अभिषेक इस ज़िद पर हैं कि वो अपने घर के आसपास के बच्चों को नि:शुल्क पढ़ाना चाहते हैं। और हम इस ज़िद पर हैं कि वह जल्दी से ठीक हो जाए और जीवनदीप का हिस्सा बन सकें। टीम उनके साथ काम करने के लिए बेसब्री से इंतज़ार कर रही है।

अगर आपको लगता है जीवनदीप की इस कोशिश में हमारा साथ देना चाहिए तो आप भी किसी भी तरह की मदद कर सकते हैं। जिन्हें अभिषेक (Mo. 8005041903, 7309762202 ) से मिलना या बात करना है वो उनसे फोन पर बात करके मिल सकते हैं। अभिषेक की मदद करने के लिए इस लेख को ज़्यादा से ज़्यादा शेयर करें और उन दोस्तों को अवश्य टैग करें जो ज़रूरत के समय इस वक़्त साथ निभा सकते हो।

इस लेख के जरिये हम अभिषेक के इलाज के लिए 1.5 से 2 लाख रूपये जुटाने की कोशिश कर रहे हैं। कोई भी राशी 100, 200 रूपये या अपनी क्षमता अनुसार आप जो भी सहयोग कर पाए। बहुत आभार होगा आपका।।

आप अपना आर्थिक सहयोग यहाँ जमा कर सकते हैं
Sumit Foundation (सुमित फाउंडेशन)
Federal Bank a/c no. 16660100056756 (फेडरल बैंक)
IFSC कोड- FDRL0001666
व्यापार विहार ब्रांच, बिलासपुर, छत्तीसगढ़, पेटीएम नम्बर- 8269150260

रविन्द्र सिंह क्षत्री , मो -7415191234 , Date 06/01/2019


Comments

comments

loading...

LEAVE A REPLY