अयोध्‍या में राममंदिर के निर्माण पर अध्‍यादेश न्‍यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने स्‍पष्‍ट किया है कि अयोध्‍या में राममंदिर के निर्माण पर अध्‍यादेश लाने का फैसला न्‍यायिक प्रक्रिया के पूरा हो जाने के बाद ही किया जा सकता है। एक समाचार एजेंसी के साथ भेंट में उन्‍होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह उच्‍चतम न्‍यायालय में अयोध्‍या मामले पर फैसले के रास्‍ते में रोड़े अटका रही है। श्री मोदी ने कहा कि कांग्रेस के वकील देश की सर्वोच्‍च अदालत में बाधाएं पैदा कर रहे हैं ताकि इस मामले में फैसला जल्‍द ही न आ सके।

किसानों के कर्ज माफ किए जाने के बारे में एक सवाल के उत्‍तर में श्री मोदी ने कहा कि ऋण की समस्‍या का यह आदर्श समाधान नहीं है। उन्‍होंने कहा कि आत्‍महत्‍या करने वाले ज्‍यादातर किसान ऐसे हैं जो साहूकारों से पैसा उधार लेते हैं। श्री मोदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अपने शासन वाले राज्‍यों में कृषि ऋणों को माफ करने की घोषणा करके राष्‍ट्र को गुमराह किया है। उन्‍होंने कहा कि कांग्रेस की राज्‍य सरकारों ने अपने वादे के अनुसार उनके सभी कर्ज माफ नहीं किए हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार किसानों के जीवन में सुधार के लिए ईमानदारी से प्रयास कर रही है। इसी संदर्भ में उन्‍होंने मृदा स्‍वास्‍थ्‍य कार्ड जारी करने, किसानों को बेहतर किस्‍म के बीज रियायती दाम पर उपलब्‍ध कराने और 22 फसलों के लिए न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य बढा़ये जाने जैसे कदमों का जिक्र किया। उन्‍होंने कहा कि किसानों को कोल्‍ड स्‍टोरेज़ और भंडारण जैसी सुविधाएं उपलब्‍ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने मध्‍यम वर्ग के लोगों के फायदे के लिए उठाए गये कदमों का भी जिक्र किया। उन्‍होंने कहा कि उनकी सरकार ने मुद्रा स्‍फीति की दर में दो प्रतिशत की कमी ला दी है। इसके अलावा मध्‍यम वर्ग को ध्‍यान में रखकर आयुष्‍मान भारत स्‍वास्‍थ्‍य योजना और मुद्रा योजना की शुरूआत की गई है। उन्‍होंने कहा कि मध्‍यम वर्ग के उद्यमियों के लिए स्‍टार्ट अप योजना भी शुरू की गई है।

इस साल आम चुनाव में एक सौ अस्‍सी सीटें जीतने के विपक्ष के दावे के बारे में श्री मोदी ने कहा कि कांग्रेस का उद्देश्‍य अधिक से अधिक दलों को विपक्षी गठबंधन के दायरे में लाना है। उन्‍होंने कहाकि भाजपा को अपनी जीत पर पूरा भरोसा है और चुनाव लड़ने के लिए उसका हौसला बुलंद है।

राफेल के बारे में पूछे जाने पर प्रधानमंत्री ने कहा कि वे इस बारे में संसद में पहले ही बयान दे चुके हैं और उच्‍चतम न्‍यायालय भी इस पर अपना फैसला सुना चुका है।

नीरव मोदी, विजय माल्‍या और मेहुल चोकसी जैसे आर्थिक अपराधियों के बारे में श्री मोदी ने कहा कि सरकार की कड़ी नीतियों से घबराकर ये लोग विदेशों को भाग गये। लेकिन उन्‍हें कानूनी कार्रवाई का सामना करना ही पड़ेगा।

गांधी परिवार के खिलाफ अदालती मामलों के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा कि वे खुद भी कानूनी प्रक्रिया से ऊपर नहीं हैं और दोषी पाए जाने पर हर किसी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

अगुस्‍ता वेस्‍टलैंड हेलिकाप्‍टर सौदे के बिचौलिए क्रिश्चियन मिशेल के बारे में श्री मोदी ने कहा कि एक कांग्रेस कार्यकर्ता का मिशेल का वकील बनना चिंता की बात है। उन्‍होंने कहा कि इस मामले में जारी जांच से सच्‍चाई सामने आ जाएगी।

नोटबंदी के बारे में एक सवाल के जवाब में प्रधानमंत्री ने कहा कि कालेधन की समान्‍तर अर्थव्‍यवस्‍था को समाप्‍त करने के लिए यह कदम उठाया गया है।

जीएसटी के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा कि इससे कर प्रणाली आसान हुई है। उन्‍होंने यह भी कहा कि सरकार ने आम आदमी के फायदे के लिए बारह सौ वस्‍तुओं पर कर की दरें कम की हैं।

भारतीय सेना द्वारा 2016 में नियंत्रण रेखा के पार आतंकियों के ठिकानों पर सर्जिकल स्‍ट्राइक के बारे में श्री मोदी ने कहा कि यह बड़ा जोखिम भरा अभियान था, मगर देश की खातिर इसको अंजाम देना पड़ा। उन्‍होंने कहा कि सर्जिकल स्‍ट्राइक की तारीख को दो बार बदलना पड़ा। प्रधानमंत्री ने कहा विपक्ष द्वारा सर्जिकल स्‍ट्राइक पर सवाल खड़े करना बड़ा दुर्भाग्‍यपूर्ण है। श्री मोदी ने कहा कि जिस दौरान हमारे सैनिक नियंत्रण रेखा के पार थे, उस दौरान उनके मन में सैनिकों को लेकर बड़ी चिंता थी।

पाकिस्‍तान के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में चाहे जो भी सरकार रही हो किसी ने भी पाकिस्‍तान के साथ बातचीत का विरोध नहीं किया, लेकिन जब तक पाकिस्‍तान की ओर से आतंक जारी रहेगा, बातचीत नहीं हो सकती।

डोकलाम गतिरोध के बारे में श्री मोदी ने कहा कि भारत का आकलन हमारी तरफ से की गई कार्रवाई से किया जाना चाहिए। उन्‍होंने कहा कि भारत की सैद्धांतिक स्थिति यही है कि हम अपने पड़ोसियों से मित्रतापूर्ण संबंध चाहते हैं।

प्रधानमंत्री ने महत्‍वपूर्ण विषयों पर संसद में सार्थक चर्चाएं करने का आह्वान किया। उन्‍होंने कहा कि हर सदस्‍य के मन में संसद की गरिमा के प्रति सम्‍मान की भावना होनी चाहिए क्‍योंकि यह बहस और विमर्श का सर्वोच्‍च मंच है।

Comments

comments

loading...

LEAVE A REPLY