भारत का रहने वाला हूँ, भारत की बात सुनाता हूँ

जब ज़ीरो दिया मेरे भारत ने

भारत ने मेरे भारत ने

दुनिया को तब गिनती आयी

तारों की भाषा भारत ने

दुनिया को पहले सिखलायी

देता ना दशमलव भारत तो

यूँ चाँद पे जाना मुश्किल था

धरती और चाँद की दूरी का

अंदाज़ लगाना मुश्किल था

सभ्यता जहाँ पहले आयी
पहले जनमी है जहाँ पे कला
अपना भारत जो भारत है
जिसके पीछे संसार चला

bhagwan-shiv-eurasia
आज का बचा-खुचा ‘इंडिया’ नहीं, सम्पूर्ण यूरेशिया है भारतवर्ष


संसार चला और आगे बढ़ा
ज्यूँ आगे बढ़ा, बढ़ता ही गया
भगवान करे ये और बढ़े
बढ़ता ही रहे और फूले-फले

चुप क्यों हो गये? और सुनाओ

है प्रीत जहाँ की रीत सदा
मैं गीत वहाँ के गाता हूँ

भारत का रहनेवाला हूँ भारत की बात सुनाता हूँ : ‘हिन्दू राष्ट्रवाद’ विश्वकल्याण का श्रेष्ठ विकल्प


भारत का रहने वाला हूँ
भारत की बात सुनाता हूँ

काले-गोरे का भेद नहीं
हर दिल से हमारा नाता है

2019 मोदी का है! जानिए, क्यों और कैसे?


कुछ और न आता हो हमको
हमें प्यार निभाना आता है
जिसे मान चुकी सारी दुनिया
मैं बात वोही दोहराता हूँ

एक मुस्लिम भी रखता है ब्राह्मण होने की पात्रता!


भारत का रहने वाला हूँ
भारत की बात सुनाता हूँ


जीते हो किसीने देश तो क्या
हमने तो दिलों को जीता है
जहाँ राम अभी तक है नर में
नारी में अभी तक सीता है

‘सीता-राम की जोड़ी’ यूँ ही लाखों साल से ‘दाम्पत्य के सबसे सुखद जोड़े’ का पर्याय नहीं


इतने पावन हैं लोग जहाँ
मैं नित-नित शीश झुकाता हूँ
भारत का रहने वाला हूँ
भारत की बात सुनाता हूँ

अभिनन्दनीय भी है, अविश्वसनीय भी है मां गंगा का यह नवजीवन नवरूप

इतनी ममता नदियों को भी
जहाँ माता कहके बुलाते है
इतना आदर इन्सान तो क्या
पत्थर भी पूजे जाते हैं

लिंग और योनि : दोनों ही सृष्टि के मूल रहस्य


इस धरती पे मैंने जनम लिया
ये सोच के मैं इतराता हूँ
भारत का रहने वाला हूँ
भारत की बात सुनाता हूँ

  • इन्दीवर, महेंद्र कपूर (पूरब और पश्चिम)

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