अपने तुच्छ राजनैतिक लाभ के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा से खेल रहे ये सेक्युलर लिबरल्स

आप जानते हैं, इंदिरा गांधी की हत्या क्यों, कैसे हुई थी?

1984 में ऑपरेशन ब्लू स्टार के बाद सिखों में बहुत गुस्सा और नफरत थी, इंदिरा गांधी के खिलाफ।

ऐसे में सुरक्षा agencies ने सुझाया कि इंदिरा गांधी की सुरक्षा में से सिख गार्ड्स को हटा दिया जाए।

पर इसके दूरगामी राजनीतिक प्रभाव भी थे। इंदिरा सिख विरोधी हैं, ये सिद्ध हो जाता। सो इंदिरा ने राजनैतिक कारणों से मना कर दिया।

और फिर उसके बाद सुरक्षा एजेंसियां भी चादर तान के सो गयीं… उन्होंने सतवंत सिंह, और केहर सिंह की निगरानी करने की ज़रूरत नही समझी। उनके फोन टैप नहीं किये…

वो दोनों 6 महीने में radicalize कर दिए गए। उनके दिलों में नफरत भर दी गयी। वो दोनों इंदिरा जी के घर, उनकी निजी सुरक्षा में तैनात थे। उनके पास ऑटोमेटिक हथियार थे… उन्होंने इंदिरा के घर में ही उनकी हत्या कर दी।

सरकार और सुरक्षा एजेंसियां अगर हत्या से सिर्फ एक दिन पहले दोनों हत्यारों को गिरफ्तार कर लेतीं तो उनके खिलाफ क्या सबूत देतीं?

उनके पास rifles थीं? वो तो सरकारी rifles थी… Duty Weapons…

एक आतंकी ने सोच लिया कि उसे जिहाद करना है। उसका हथियार उसका ट्रक है… वो अपना ट्रक ले के किसी भीड़ भरी सड़क, या मैदान या फुटपाथ पर चढ़ जाएगा और सैकड़ों लोगों को कुचल देगा… कुछ उसके ट्रक से कुचले जाएंगे कुछ भगदड़ में मर जाएंगे।

कुम्भ जैसी किसी भीड़ में सिर्फ एक सुतली बम फोड़ दो… भगदड़ मच जाएगी और हज़ारों लोग मारे जाएंगे…

हसन निसार साहेब पाकिस्तान के एक विद्वान हैं… यूट्यूब पर उनके सैकड़ों वीडियो हैं… वो कहते हैं कि विज्ञान में आसमानी मज़हब वालों का क्या योगदान है पिछले 1400 साल में?

आज तक एक सूई भी ईजाद की… अलबत्ता आतंक में बहुत जबरदस्त R&D है भाई जान की… दुनिया में आतंक कैसे फैलाना है, कैसे मासूम लोगों को मारना है, इसपर जबरदस्त research है…

आतंक के नए नए हथियार ईजाद किये जा रहे हैं… जहां हो, चाहे जिस profession में हो, अपने profession अपने professional tools को ही mass destruction का हथियार बनाओ…

ट्रक ड्राईवर अपने ट्रक को ही हथियार बना रहे हैं। मिस्त्री हो तो ब्रेक ही फेल कर दो किसी बस की… रेल गाड़ी चलाते हो तो उसी को भिड़ा दो… कुक हो तो किसी बड़े प्रयोजन में, जिसमें हज़ारों लोग खाना खाने वाले हैं, जहर मिला दो… न हो तो किसी भीड़ भाड़ में सुतली बम फोड़ के भगदड़ ही करवा दो…

ऐसे आतंकी मंसूबों की आप कैसे रोकथाम करेंगे?

ऐसा कोई आतंकी आपने वारदात से पहले पकड़ ही लिया तो उसके खिलाफ सुबूत क्या देंगे? जहां हथियार एक ट्रक है, उसे कैसे साबित करेंगे?

इसका मतलब तो ये हुआ कि जब तक वो 100 – 200 आदमी मार न दे, आप उसे पकड़ ही नहीं सकते?

ये जानते हुए भी, कि ये आतंकी है और कल को 100 – 200 को मारेगा, आप उसे पकड़ नहीं सकते?

और अगर पकड़ भी लिया तो दुनिया जहान के धिम्मी सेक्यूलर कीड़े आपके पीछे पड़ जाएंगे कि एक मासूम को सिर्फ उसके मज़हब के कारण परेशान किया जा रहा है।

NIA ने देश भर में छापे मार के 16 लोगों को पकड़ा है। सारे कांग्रेसी, सारे तथाकथित सेक्यूलर और उनका मीडिया NIA के पीछे पड़ गए हैं… कहते हैं कि जो हथियार पकड़े वो देसी हैं… सुतली बम है, देसी राकेट लांचर नहीं वो तो ट्रेक्टर का स्पेयर पार्ट है…

सेक्यूलर बिरादरी कहना क्या चाहती है? आसमानी आतंक जैसा कोई खतरा नहीं है देश में? सारी दुनिया में जो ISIS का नेटवर्क है वो झूठ है?

कांग्रेसियों की फेसबुक वॉल और Twitter handles देखिये… इन्होंने NIA के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है… वो NIA जो देश में आसमानी आतंक के खिलाफ लड़ रही है?

अपने तुच्छ राजनैतिक फायदे के लिए देश की सुरक्षा से खेल रहे हैं ये सेक्युलर लिबरल्स…

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