मोदी के नेतृत्व में, भारत का समय शुरू होता है अब

प्रधानमन्त्री मोदी के नेतृत्व में भारत का समय शुरू हो चुका है। Wall Street Journal के आंकड़ों के अनुसार भारत ने पहली बार चीन को कई व्यावसायिक मामले में पछाड़ दिया।

70 वर्षों में पहली बार – कॉरपोरेट डील के लिए 2018 भारत का अब तक का सबसे व्यस्त वर्ष रहा है, क्योंकि विदेशी निवेशक अब चीन की तुलना में यहां अधिक निवेश कर रहे हैं।

भारतीय कंपनियों ने विलय और अधिग्रहण में इस साल कुल $ 93.7 बिलियन का निवेश किया है – जिसमें पहले से 52% तक का उछाल है – और ये भारत की अब तक की सबसे बड़ी निवेश टैली है।

भारत द्वारा विदेशी खरीद का मूल्य चीन से आगे निकल गया है। भारत के Acquirers ने 39.5 बिलियन डॉलर खर्च किए जबकि चीन ने 32.8 बिलियन डॉलर खर्च किए… इस तरह चीन को acquisitions में मात दिया गया।

WSJ के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने व्यापार को आसान बनाने के लिए जो प्रयास किए हैं, ये उसका फल है… भारत के इस उत्थान में जो कारण है उनमें से प्रमुख हैं –

  • प्रत्यक्ष विदेशी निवेश नियमों में ढील
  • New Bankruptcy कोड
  • GST
  • करों का सरलीकरण करके ‘जटिल कर आतंकवाद’ को समाप्त करने के लिए नीति

जिसकी वजह से इस वर्ष विश्व में आसानी से कारोबार करने वाली रैंकिंग में भारत ने 23 स्थान की छलांग लगाई।

प्रधानमंत्री मोदी के NITI आयोग की पॉलिसी के अनुसार भारत 2030 तक भारत का GDP अभी के दुगुना, विश्व के सबसे ज्यादा जीडीपी वाले देशों में से एक और लगभग 5 trillion अमेरिकन डॉलर हो जाएगा।

WSJ के अनुसार तमाम वैश्विक उतार चढ़ाव के बावजूद इस वर्ष S&P, BSE Sensex 4.2% ऊपर रहा जो कि विश्व भर में स्थापित मानदण्ड को छूता है तथा कुछ गिने चुने पॉज़िटिव शेयर बाजार में से एक रहा।

विदेशी निवेशक अब बेझिझक भारत की कम्पनी में निवेश कर रहे हैं। उदाहरण के लिए Naspers ने भारत के Swiggy में 1 Billion US$ और Softbank ने OYO में 1 Billion US$ निवेश किया और ये कम्पनी अंतर्राष्ट्रीय व्यापार करने लगी हैं।

भारत में अब व्यापार पारिवारिक मिलकियत की जगह व्यापारिक तथा वित्तीय मिलकियत की तरफ बढ़ रहा है जो कि भारत के वित्तीय आधार को दिन प्रति दिन बेहद सुदृढ़ कर रहा है।

भारत की स्टार्ट अप कंपनियों की फण्डिंग में 2017 और 2018 में रिकॉर्ड 108% की बढ़ोत्तरी हुई और स्टार्ट अप में USD 4.2 billion तक निवेश हुआ।

अभी तक तीन वर्षों में 7200 से ऊपर स्टार्ट अप कंपनियां शुरू हुई जिनमें 1200 तो पिछले 6 माह में शुरू हुई है… सिर्फ इन स्टार्ट अप्स की वजह से ही भारत में 2 लाख से ऊपर सीधे और अपरोक्ष जॉब मिले।

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