राम मंदिर अभियान : आइए सरकार वालों का राम जगाएं, मंदिर वहीं बनाएं

आज से 15-16 साल पहले झाबुआ के सुदूर वनवासी गांवों के चक्कर लगा रहा था, ये वो ही वनवासी थे जिनको शहर में मामा कहा जाता था, जिनके बारे में प्रसिद्ध था कि लूट मार करते हैं, उंगली और कान काट कर अंगूठी और झुमके निकालते हैं…..

वहां गांव में पैर रखो तो एक एक जन उत्सुकता से, मिश्रित भावों से आंखों से आंखो को खोदकर टटोलता…. इस प्रकार से घूरने पर, इस प्रकार से उनके ठिठकने पर, अपने मन के अंदर उठने वाले सैकड़ों सवालों पर, पास पड़े गोफन पर, नशे में धुत उनकी आंखों पर…. सोचिएगा, वो इलाका जहां एशिया की सबसे अधिक वारदातें दर्ज होती हों…. वहां आप कैसे संवाद स्थापित करेंगे और खुद को किसी बड़ी भारी मुसीबत में नहीं पहुंचा देंगे?

आप दो शब्द कहेंगे – राम राम

राम राम कहते ही विश्वास की उत्पत्ति होती है…. सामने वाला रिलैक्स हो जाता है….. आप करीब आ जाते हैं….. हृदय से हृदय के तार जोड़ने का कार्यक्रम शुरू हो जाता है…..

इस देश के किसी भी कोने में यदि आपको घोषणा करनी हो कि आप इस देश के सामान्य जन हैं, और एक सामान्य व्यवहार की अपेक्षा करते हैं, तो आप आपकी उपस्थिति राम राम से दर्ज करवा दीजिए…..

आप कहेंगे बंबई नगरिया के बांद्रा मरीन ड्राइव में राम राम करेंगे तो कोई घास भी नहीं डालेगा….. दिल्ली गुड़गांव के पॉश इलाकों में राम राम करोगे तो लोग शायद आपको भिखारी की नजर से देखें…. बिल्कुल सही कह रहे हो आप….. जिनके मन कलुषित होते हैं उनको राम राम बेवकूफी का ही प्रतीक लगता है…..

जमीन से दो इंच ऊपर उड़ने वाले मेरे कई दोस्त जिनके जीवन में भारत में पैदा होना एक बदनसीबी की बात है, उनके लिए राम राम बेवकूफी है…..

घर से केवल मात्र करियर बनाने की ट्रेनिंग प्राप्त आईआईएम आईआईटी छाप (और कुकुरमुत्ता छाप कॉलेजों के भी) बालकों को, जिनको ज़मीन का ज्ञान जीवन में मिला ही नहीं…. जो बालक बहुत अच्छे व्यापारी या नौकर हैं, और इस सफलता के मानक के कारण जनता उनकी सामाजिक बकवास को झेलने को आतुर है….. उन बालकों को राम राम का क्या मतलब बताएं?

राम तो भारत के समाज में पिरोए हुए सूत्र हैं, उनसे कोई क्या बिज़नेस बनाएगा….. करियर छाप लड़के बच्चे काहे इसमें ध्यान लगाएं? किसी लड़की को राम राम कर दी तो पत्ता कट जाएगा सो अलग….. लड़कियों को देखकर दिमाग में उनका चीरहरण करने वाले लोगों को राम राम से क्या लेना देना?

वैसे राम तो इन अज्ञानियों को भी चाहिए कि जब सड़क पर घायल पड़ें हों तब कोई भला कर जाए….. कोई हमसे ताकतवर भी हमारा मनुष्य नाते सम्मान बनाए रखे….. जब अन्याय हो तो कोई हमारी तरफ से ताकत और बल के साथ खड़ा हो जाए…. लेकिन ये सब आएगा कहां से?

ज़मीन से ऊपर उड़ने वाले बोल देते हैं कि शिक्षा से आएगा, सरकार से आएगा, पुलिस से आएगा, कानून से आएगा…..

सुनो भाई, १२५ करोड़ में ये सामान्य ज्ञान उनके परिवार और संस्कार से ही आ सकता है, अगर समझ सको तो राम कृष्ण और शिव, हमारे परिवारों को आचरण का बेंचमार्क प्रदान करते हैं….. इनकी कहानियों से हमको पता चलता है कि क्या करना है क्या नहीं…… जीवन में सही गलत की मर्यादा तय करने के लिए राम अत्यंत जरूरी हैं और इस नाम ने अब तक यह चमत्कार मुफ्त में बिना किसी स्कूल और सरकार के किया है……

खैर, अब समय टूटने लगा है, राम को वोटों के बजार में बेचा जाने लगा है, जो बंबई राम राम पर मुंह बना ले, वो टीवी और फिल्मों में बेच लेती है…..सब रावण राम पर भारी हैं….. देखने में आता है, जिन्होंने जीवन में तिनका किसी के भले के लिए नहीं लगाया (लगाया भी तब जब खुद का मन सड़ांध से बदबू मारने लगा गया, उस बदबू को दो चार हजार रुपया फेंक कर दबा दिया) वो लोग अयोध्या राम जन्मभूमि पर अस्पताल और स्कूल खुलवाना चाहते हैं….. किसी के खेत में सांड घुस गया तो वो राम मंदिर की प्रतिबद्धता को तोड़ बैठा है…. किसी को अपनी पार्टी द्वारा हड़काए जाने का डर है इसलिए मुंह नहीं खोलता….. किसी की पूंछ पर भाजपा सरकार ने पैर धर दिया तो वो विरोध में राम मंदिर को अनदेखा कर देना चाहता है…..

राम इस मिट्टी के प्राण हैं, मोदी से बड़े हैं, मोदी का राम के प्रति दायित्व है….. मनमोहन का भी था….. आगे यदि कभी भी राहुल आता है तो उसका भी होगा….. जो भी इस मिट्टी की भलाई के लिए कसम खाता है, उसका दायित्व है राम को केवल मंदिर में नहीं अपितु आचरण में भी स्थापित करवाए….. अब ये काम वही कर सकता है जिसमें राम का अंश हो…..

कबीर तो बोल ही गए हैं – मेरे राम गाड़ी वाले…. मतलब हम सबकी गाड़ी के मालिक राम ही हैं…. आइए सरकार वालों का राम जगाएं… मंदिर वहीं बनाएं…


One character that holds character of millions of Indians is character of Shri Ram.

His life events are benchmark to identify right and wrong of our actions.

He must be preserved and hailed.

We are sending One Lac post cards to PMO for bringing a bill in loksabha to clear land acquisition of Ram Temple in Ayodhya’s disputed site.

Narendra Modi ji, there is lot of anger and frustration on this issue. Rise to the occasion.

(Today we are at Khajrana Ganesh Mandir)
(Copy and Paste this and tag Prime Minister please, more tags more effect)
(We are in this process since a month, no relationship with elections)
(We have waited full five years to give you a chance, now no more waiting)

(एक पोस्टकार्ड लिख कर भेजें, जरूर काम करता है, गिलहरी बने राम की, 40000 से ज्यादा लिख दिए हैं मालवा के लोगों ने, देश भर से पोस्टकार्ड चाहिए, भेजिए Narendra Modi पीएमओ नईदिल्ली को)

अभिषेक सचान

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