असंतुष्टों से संवाद

कभी-कभी सोचता हूं कि एक फेक आईडी बनाऊं और उस पर दिल की बात लिखूं। वो अभी बनी नहीं सो आज यहीं। असंतुष्टों से कुछ सवाल हैं।

जो मोदी को फेक हिंदू बताते हैं उनसे मेरा सिर्फ एक सवाल।

गोधरा कांड की क्रिया की जो प्रतिक्रिया हुई, वो उससे पहले कभी हुई थी? गुजरात में उसके बाद जेहादी हमले हुए लेकिन दंगे नहीं।

मोदी और अमित शाह आज सत्रह साल से अदालती लफड़ों में फंसे हुए हैं। कभी इस पर चर्चा की आपने?

मुख्यमंत्री थे तो भी एक समय में गुजरात के 24 आईपीएस अफसर जेल में थे, निलंबित थे और जांच के लपेटे में थे।

अब जो ज्यादा ज्ञानी हैं वो बता ही दें कि मोदी प्रधानमंत्री होने के बावजूद कोर्ट कचहरी के लफड़ों में क्यों हैं?

इसलिए कि ये सांस्थानिक ताकत है। और संस्थान में भी एक डीप इस्टैब्लिशमेंट होता है। उनका जो सत्ता में सबसे लंबे समय तक रहा है। इसमें नौकरशाही, न्यायपालिका, विश्वविद्यालय और मीडिया तमाम हैं।

अच्छा ये भी बता दो कि मोदी चाहते तो राम मंदिर बना लेते, 370 खत्म कर लेते। मोदी बेईमान। मान लिया।

पर भाईयों, आप ही बता दो कि अपनी औकात क्या है?

बिहार चुनाव से ऐन पहले दादरी और असहिष्णुता आंदोलन पूरे देश में छा गया। रोक लिए? दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले पूरे देश में चर्चों पर हमले होने लगे। चुनावी मकसद पूरा होते ही बंद हो गए। आप कुछ कर पाए?

आज भी किसी भी भाजपा शासित राज्य में चुनाव से ऐन पहले किसान सड़क पर उतर आते हैं, जातियों के आरक्षण की मांग शुरू हो जाती है। क्या कर लिया आपने सिवाय विधवा विलाप के।

तो ये मान लो कि हमारी औकात अभी बस फेसबुक पर रोने धोने की है। जितनी हमारी औकात होगी, उतना ही शक्तिशाली नेता होगा। मनमोहन जी रिमोट वाले प्रधानमंत्री थे पर उस रिमोट के कब्जे में सब कुछ था।

क्या आपको मालूम है कि सुप्रीम कोर्ट का कॉलिजियम क्या है? चार जज मिल कर जजों को नामित करते हैं। आज तक बहुसंख्यक जज सिर्फ 200 घांडी-नेहरू परिवार से आते रहे हैं।

तो कोई भी मामला अदालत में जाता है। आप सोच लो कि फैसला क्या होगा। और मोदी इसमें क्या कर लेंगे।

नाम भर की हिंदू सरकार भी है तो भी बहुत बड़ी उपलब्धि अर्जित की आपने। टीका-जनेऊ और दत्तात्रेय गोत्र का तमाशा कभी खुद सपने में भी नहीं सोचे होगे।

मोदी हमारे 10 जनपथ वाले आलाकमान नहीं हैं। कल कोई और आएगा। सरकार तो बचाए रखो मितरों।

और हां, नहीं बची तो फिर देखना कि गुमराह युवा फिर कैसे मैदान में उतरते हैं। इस बार दस गुना जोश और निश्चय से उतरेंगे।

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