एड़ियां उठाये पंजों पर खड़े हैं, बौने समझते हैं कि वो सबसे बड़े हैं

2008 की बात है। जम्मू में जिस अखबार में कार्यरत था उसने रहने के लिए एक फ्लैट दे रखा था। ऑफिस से उस फ्लैट की दूरी लगभग डेढ़ किलोमीटर थी। लेकिन वह स्थान पहाड़ीनुमा एक ऊंचे स्थान पर था। ऑफिस से फ्लैट तक जाने का पूरा मार्ग चढ़ाई के साथ आगे बढ़ता जाता था। फ्लैट … Continue reading एड़ियां उठाये पंजों पर खड़े हैं, बौने समझते हैं कि वो सबसे बड़े हैं