डर तो मुझे भी नहीं लगता, गुस्सा आता है, फिक्र तो मुझे भी होती है, नसीर!

मिस्टर नसीर! डर मुझे भी नहीं लगता, गुस्सा आता है जब मैं देखता हूं कि आप, बशीर बद्र, नकवी या असगर वज़ाहत जैसे तथाकथित प्रगतिशील मुसलमान भी आखिरकार अपनी ‘औकात’ पर उतर जाते हैं। किसी नेता या पार्टी विशेष के प्रति अपने विरोध को जब आप चाशनी में लपेटकर हिंदू-बहुल इस मुल्क का अपमान करते … Continue reading डर तो मुझे भी नहीं लगता, गुस्सा आता है, फिक्र तो मुझे भी होती है, नसीर!