एक गिरगिट का बयान

मैं गिरगिट हूं। सोवियत लेखक अंतोन चेखव ने मेरी बहुत दुर्दशा अपनी एक व्यंग्य रचना में की है, लेकिन मैं सच कहता हूं कि मैं दरोगा ओचुमेलोव जैसा कतई नहीं हूं। मैं तो शत्रुओं से अपनी जान बचाने के लिए गाहे-बगाहे रंग बदलता हूं। और आप मेरी तुलना उनसे करते हैं, जो दूसरों को धोखा … Continue reading एक गिरगिट का बयान