हरियाणा : मप्र, छग, राजस्थान ने दिया ढीले नट-बोल्ट कसने का सबक

हिंदी में कहावत है – बाप ने मारी मेंढकी और बेटा तीरंदाज़।

मप्र और राजस्थान किसी तरह फोटो फिनिश से जीत के इधर राहुल G भी खुद को तीरंदाज़ समझने लगे थे।

कल उस गुब्बारे की हवा हरियाणा में मनोहर लाल खट्टर ने निकाल दी।

कल खट्टर साब ने ऐसा तीर चलाया है कि विपक्षी सहला सहला के रो रहे हैं।

हरियाणा में इस बार महापौर (Mayor) के चुनाव सीधे जनता के वोट से हुए।

मने जनता ने सीधे वोट दे के अपना मेयर चुना। इससे पहले जनता पार्षद चुनती थी और पार्षद आगे Mayor चुनते थे। इसमें खुल्ला खेल फर्रूखाबादी होता था और एक-एक पार्षद लाखों रूपए में बिकता था। इस बार जनता ने सीधे अपना Mayor चुना।

पूरे हरियाणा के पांच प्रमुख शहरों रोहतक, हिसार, पानीपत, करनाल और यमुनानगर में चुनाव हुए। भाजपा ने पांचों जीत लिए।

पानीपत में तो भाजपा की प्रत्याशी 25 वर्षीय एक लड़की ने 75000 से भी ज़्यादा भोट से चुनाव जीता।

CM खट्टर साब के गृह नगर करनाल में तो सारा विपक्ष कांग्रेस, इनेलो, बसपा एक हो गया था फिर भी BJP कैंडिडेट ने 9300 वोट से जीत हासिल की।

उसी तरह रोहतक जो कि भूपेंद्र हुड्डा और कांग्रेस का गढ़ है , वहां भी भाजपा के मनमोहन गोयल ने 15000 से जीत दर्ज की । इसी तरह हिसार की सीट 28000 से जीती ।

गौरतलब है कि आमतौर पर हरियाणा में माना जाता है कि जाट मतदाता भाजपा से और खासकर खट्टर से बहुत नाराज़ हैं। इसमे सच्चाई भी है।

पर मैं हमेशा कहता आया हूँ कि आज पूरे हरियाणा में सियासत Jat vs Non Jat हो गयी है। जाट बेशक़ खट्टर से खफा हैं पर गैर जाट 35 जातियाँ पूरी तरह भाजपा के साथ खड़ी हैं।

जाट खुद 4 जगह बंट रहे हैं। कांग्रेस, दुष्यंत, अभय चौटाला और भाजपा इन 4 दलों में जाट वोट बंटेगा 40, 30, 15, 10 के अनुपात में।

Mayor के चुनावों ने हरियाणा का ट्रेलर दिखा दिया है।

भाजपा की लहर पूरे देश में बरकरार है।

मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ ने ढीले नट-बोल्ट कसने का सबक दे दिया है।

2019 की शानदार जीत मध्यप्रदेश, राजस्थान की पराजय से ही निकलेगी।

मित्रों, कमर कस लो, तैयार रहो।

मध्यप्रदेश, राजस्थान तो सिर्फ एक लड़ाई थी, युद्ध बाकी है मित्रों।

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