पत्रकारिता और युगधर्म…

आज सुबह दो नामचीन लोगों के साक्षात्कार देखे। एक लोकप्रिय, कथित महान शायर जावेद अख्तर का, दूसरा आईटी इंडस्ट्री के महापुरुष, नारायणमूर्ति का। जावेद साहब ने कहा कि जब वे चार साल के थे तब घर में स्टालिन की तस्वीर टंगी देखते थे और उन्हें लगता था कि यही उनके दादा हैं… कितने ऊंचे विचार … Continue reading पत्रकारिता और युगधर्म…