कौन गौत्र के हो भाई?

पांच राज्यों में हो रहे विधानसभा चुनावों के मद्देनजर राजनितिक स्तर धर्म फिर जाति से होता हुआ हिन्दू धर्म की गोत्र प्रथा पर आकर रुक गया। मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान हिन्दू बहुल राज्यों में चुनाव है तो जाहिर है सभी पार्टियाँ हिन्दुओं को खुश करने में लगी है ऐसे में पिछले वर्ष गुजरात चुनाव में नए-नए ‘जनेउधारी’ हिन्दू बने राहुल गाँधी ने मध्यप्रदेश के पुष्कर में शिवमंदिर में पूजा के दौरान सोची समझी रणनीति के तहत सोमवार को अपन गोत्र जगजाहिर कर दिया था।

राहुल गाँधी के गोत्र पर हंगामा थमा ही नहीं था कि एक कांग्रेसी समर्थक ने केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी से ट्वीट कर उनका गोत्र पूछ लिया। लेकिन कांग्रेस समर्थक को यह ट्वीट करना महंगा पड़ गया जब इरानी ने कांग्रेस समर्थक पर पलटवार करते हुए करारा जवाब दिया।

कांग्रेस समर्थक ऋतुराज कोवर ने ट्वीटर पर लिखा, “ क्या मुझे श्रीमती ईरानी जी, उनके पति और बच्चों का गोत्र पूछने का विशेषाधिकार हो सकता है? वह सिंदूर लगाती है वह धार्मिक है या स्टाइल है?”

स्मृति ईरानी ने पलटवार करते हुए ट्वीटर पर लिखा, “मेरा गोत्र कौशल है जैसाकि मेरे पिता का है, उनके पिता का है और उनके पिता का है…. मेरे पति और बच्चे पारसी हैं, इसलिए उनका गोत्र नहीं है। मैं हिंदू धर्म में विश्वास करती हूं और इसलिए सिंदूर लगाती हूं।”

अपने इस ट्वीट का स्पष्टीकरण देते हुए उन्होंने एक और ट्वीट किया, ” मेरा धर्म हिंदुस्तान है, मेरा कर्म हिंदुस्तान है, मेरी आस्था हिंदुस्तान है, मेरा विश्वास हिंदुस्तान है।”

इरानी ने एक और ट्वीट कर अपने माता-पिता को हिन्दू बताया तथा उनके गोत्र का खुलासा करते हुए उन्होंने बताया कि उनके पिता का गोत्र कौशल्य तथा माता का गोत्र शांडिल्य है | इसीलिए उनका भी गोत्र पिता के समान कौशल्य हुआ |

इससे पहले सोमवार को राहुल गाँधी ने उनके गोत्र का खुलासा कर दिया। राहुल गांधी ने राजस्थान में प्रचार के दौरान पुष्कर में जगतपिता ब्रह्माजी के मंदिर में यह खुलासा किया। पुष्कर में दर्शन करने के दौरान वहां के पुजारी ने कांग्रेस अध्यक्ष से उनका गोत्र पूछा तो राहुल ने बताया कि वह कौल (कश्मीरी) ब्राह्मण हैं और दत्तात्रेय उनका गोत्र है। इसके बाद पुजारी ने मंदिर में पूजा संपन्न कराई।

केन्द्रीय मंत्री स्मृति इरानी ने अपने गोत्र वाले सवाल पर देर न करते हुए तुरंत ट्वीट के जरिये सच्चाई बयान कर दी। उन्होंने माना कि वो एक हिन्दू है और अपने माता पिता का गोत्र भी बता दिया। वे यहीं नहीं रुकी उन्होंने साफ़ कर दिया कि उनके पति एक पारसी है और इसीलिए उनका तथा उनके बच्चे का गौत्र नहीं है। ( गौत्र पद्धति सिर्फ वैदिक हिन्दू रीति है अन्य धर्म में नहीं मानी जाती)।

अब सवाल यह उठता है जब बिना विलम्ब किये स्मृति इरानी अपना गौत्र ज़ाहिर कर अपने और बच्चे का धर्म जगजाहिर कर देती है, तो राहुल गांधी ने अपन गोत्र बताने के लिए मध्य प्रदेश एवं राजस्थान के चुनाव तक इन्तेजार क्यों किया? क्या राहुल अपने सॉफ्ट हिंदुत्व और सोची-समझी रणनीति के तहत यह सब कर रहे है? क्योंकि राहुल ने जो गोत्र बताया है यह उनके परनाना यानि जवाहरलाल नेहरू का गोत्र है। अगर नेहरू और इंदिरा का गोत्र कौल दत्तात्रेय था तो राजीव गाँधी का गोत्र उनके पिता से आना चाहिए। गोत्र पद्धतीनुसार पुत्र का गोत्र पिता से आता है। मतलब राहुल गाँधी अब भी राज्य और चुनाव नुसार राज्यों में चेहरा बदल रहे है और इतने वर्षों बाद भी देश की जनता को ही नही बल्कि अपनी कांग्रेस पार्टी को भी भ्रमित कर रहे है।

गौरतलब है कि स्‍मृति इरानी ने अमेठी से राहुल गांधी के खिलाफ चुनाव लड़ा था और वह लगातार इस क्षेत्र के दौरे करती रहती हैं। अमेठी के विकास को लेकर वह अक्‍सर राहुल गांधी को घेरती रहती हैं। पिछले दिनों उन्‍होंने कहा था कि जिन लोगों के संसदीय क्षेत्र में आज भी 80 फीसदी मकान कच्चे हों, उनसे देश विकास की उम्मीद नहीं कर सकता है।

गोत्र के इस युद्ध में तो स्मृति इरानी ने दो ट्वीट कर सब कुछ स्पष्ट कर दिया और बाजी मार ली क्योंकि राहुल अब भी गोत्र और अपने धर्म को लेकर असमंजस्य में है अब देखना है 2019 के अमेठी लोकसभा रण में भी वो राहुल को हराने में कामयाब होती है या नहीं।

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