हिन्दू vs प्रकृति पूजक का हौवा

हिन्दू vs प्रकृति पूजक का पूरा हौवा खड़ा कर रखा है आज ट्राइबल बेल्टों में।
कुछ भी हो हम प्रकृति पूजक बाकी सब अलाना फलाना ढकाना। हिंदुओं को गरियाना हो तो प्रकृति पूजक का पक्ष ले लो और खूब गरियाओ। सरकारों का भी बेहद हुतियापा भरा निर्णय रहा है जिसके चलते आज ये नौबत आई है।
अगर कोई ‘हिन्दू’ कहना शुरू करें तो उसे ST लिस्ट से बाहर कर दो.. बाकी वो हलेलुइया बने, मुस्लिम बने, बौद्ध बने कोई दिक्कत नहीं है। समस्या बस हिन्दू से हैं। सो आजकल डिफ्रेंशिएट के लिए ‘प्रकृति पूजक’ आ गया। और इसमें लहर भी खूब आ गई।

अब प्रखर ‘प्रकृति पूजकों’ के लिए एक प्रकृति पूजक समाज से अवगत कराना चाहते हैं … और वो समाज है ‘बिश्नोई समाज’ .. किसी भी भारतीय के लिए ये पहचान के मोहताज नहीं है लेकिन जिस तरह से आज प्रकृति पूजक का हौवा खड़ा है उस हिसाब से इनका परिचय तो बनता है।

बिश्नोई समाज जैसा प्रकृति पूजक और संरक्षक आपको दीया बार के भी खोजने से नहीं मिलेगा भारतवर्ष में। प्रकृति संरक्षण की जो मिसाल बिश्नोई समाज ने दी है वो कहीं और देखने को नहीं मिलेगी।

वन्यजीवों व पेड़-पौधों से इस समुदाय को कितना लगाव है इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि एक रिपोर्ट के मुताबिक, साल 1736 में जोधपुर जिले के खेजड़ली गांव में विश्नोई समाज के 300 से ज्यादा लोगों ने पेड़ों को बचाने के लिए अपनी जान दे दी।

बताया जाता है कि राज दरबार के लोग इस गांव के पेड़ों को काटने पहुंचे थे, लेकिन इस समुदाय के लोग पेड़ों से चिपक गए और विरोध करने लगे। इस समाज में उन 300 से ज्यादा लोगों को शहीद का दर्जा दिया गया है। इस आंदोलन की नायक रहीं अमृता देवी जिन्होंने अपने तीन पुत्रियों समेत अपना बलिदान दिया था। इनके नाम पर आज भी राज्य सरकार कई पुरस्कार देती है।

सलमान खान को जेल की सलाखों के पीछे भेजने के लिए बिश्नोई समाज ने ऐड़ी चोटी एक कर दिया था। और जिस दिन सलमान खान को सज़ा सुनाई गई थी उस दिन पूरे बिश्नोई समाज में खुशी की लहर थी।

पूरे ब्रह्मांड में प्रकृति पूजन व संरक्षण में शायद ही बिश्नोई समाज का कोई मुकाबला कर सकता है। लेकिन वे कभी अपने को अलग बताने के हिन्दू से अलग नहीं किये और न हिन्दू को गाली देते हैं। वे ये नहीं कहते कि हम कट्टर प्रकृति पूजक है और हिन्दू मूर्ति पूजक इसलिए हमसे भिन्न है। और हम प्रकृति पूजक हैं तो हमें ST में शामिल करो।

इनकी निर्भीकता और निःस्वार्थता को हम शत शत नमन करते हैं।

अपना ए.सी. तो बंद करो कॉमरेड!

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