विषैला वामपंथ : फेमिनिज़्म और कुछ नहीं, स्त्रियों के हिस्से का कम्युनिज़्म है

वामपंथियों की न्यायिक व्यवस्था में घुसपैठ अब जग ज़ाहिर है। आखिर न्यायपालिका को हर बात में घुसने की खुजली क्यों है? समाज संचालन में न्यायिक व्यवस्था का एक सीमित रोल होना चाहिए। वह होना चाहिए कनफ्लिक्ट रेज़ोल्यूशन का। अगर दो व्यक्तियों में विवाद उत्पन्न हो तभी कोर्ट कचहरी बीच में आएगी ना। कोई किसी का … Continue reading विषैला वामपंथ : फेमिनिज़्म और कुछ नहीं, स्त्रियों के हिस्से का कम्युनिज़्म है