‘सत्य की खोज’ अब टीवी प्रोग्राम के तौर पर भी होगी दर्शकों के सामने

सत्य की खोज मूल रूप से डॉ. प्रवीण तिवारी द्वारा लिखी गई पुस्तक है। जिसे प्रभात प्रकाशन ने पब्लिश किया था। आध्यात्मिक और प्रेरक विचारों से भरपूर ये पुस्तक नेशनल वॉइस नामक चैनल पर टेलीविजन प्रोग्राम के तौर पर भी सामने आई। जहां प्रवीण तिवारी ने युवाओं को अध्यात्मिक संदेश दिए हैं।

इससे पहले डॉ. तिवारी डीडी नेशनल के लिए अवेकनिंग इंडिया शो भी कर चुके थे। जल्द ही वह सत्य की खोज को एक वेब सीरीज के तौर पर लोगों के सामने लाने जा रहे हैं। सत्य की खोज पुस्तक का दूसरा भाग 24 दिन 24 बातें पुस्तक के रूप में पाठकों के समक्ष आया था।

प्रवीण तिवारी ने सत्य की खोज के डिजिटल वर्जन पर जानकारी देते हुए बताया कि बदलते दौर के साथ टेलीविजन और डिजिटल मीडिया ने प्रभावी पकड़ बना ली है, ऐसे में टेलीविजन प्रोग्राम के जरिए बातों को ज्यादा असरदार तरीके से रखा जा सकता है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर टेड टॉक और ऐसी ही कई सीरीज के जरिए प्रेरक विचारों को युवाओं के सामने रखा जाता है। सत्य की खोज प्रोग्राम के जरिए इन विचारों को भारतीय मानस और परिवेश के अनुसार युवाओं के समक्ष रखने का प्रयास रहेगा।

मूल रूप से ओशो रजनीश, जे कृष्णमूर्ति, स्वामी शरणानंद, स्वामी विवेकानंद और स्वामी गंगाराम जैसे आध्यात्मिक चिंतकों के विचारों को इस सीरीज के माध्यम से रखा जाएगा।

डॉ प्रवीण तिवारी के मुताबिक ऐसी भी कई आध्यात्मिक पुस्तकें हैं जो अब कहीं खो चुकी है। जिनमें वो खास तौर पर खप्तड़ स्वामी द्वारा लिखी गई विचार विज्ञान पुस्तक का जिक्र करते हैं।

वे बताते हैं कि खप्तड़ स्वामी की पुस्तक, द सीक्रेट और कई अन्य विदेशी पुस्तकों का आधार रही है लेकिन यह उतनी प्रचारित नहीं हो पाई जितनी कि कई अन्य पुस्तकें। इन के अलावा अंतरराष्ट्रीय लेखकों की भी कई पुस्तकें हैं जो अब खो चुकी हैं।

ऐसी कई पुस्तकों और इनमें रखे गए बेशकीमती विचारों को भी सत्य की खोज सीरीज के जरिए दर्शकों के सामने रखा जाएगा। इस वक्त डॉ प्रवीण तिवारी नौजवान हिंदुस्तान नाम से युवाओं के लिए दूरदर्शन पर एक टीवी सीरीज भी कर रहे हैं।

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