तब कहां दुम दबाए बैठे थे हिंदुत्व के ‘ये’ ठेकेदार!

24 नवम्बर को लिखे मेरे लेख ‘मोदी-भाजपा के लिए इसलिए राजनीतिक-चुनावी मुद्दा नहीं है राम मंदिर‘… की अगली और अन्तिम कड़ी… यह भाग लिखना नहीं चाहता था, इसीलिए टाल रहा था। लेकिन वॉट्सऐप मैसेंजर के माध्यम से कई मित्र लगातार पूछ रहे थे कि कब लिखेंगे, क्यों नहीं लिख रहे? ऐसे सभी प्रश्नों के उत्तर … Continue reading तब कहां दुम दबाए बैठे थे हिंदुत्व के ‘ये’ ठेकेदार!