देश के वायुसैनिकों को बेमौत मारने की ज़िद क्यों कर रहे राहुल गांधी और कांग्रेस?

12 मई 2012 को देश के तत्कालीन रक्षामंत्री ऐके एंटोनी ने देश की संसद को यह बताया था कि भारतीय वायुसेना के पास उपलब्ध 872 मिग लड़ाकू विमानों के बेड़े के 482 (55% से अधिक) विमान 12 अप्रैल 2012 तक दुर्घटनाग्रस्त हो चुके हैं।

उन्होंने आगे जानकारी दी कि इन दुर्घटनाओं में भारतीय वायुसेना के 171 पायलट तथा 8 अन्य कर्मचारी तथा 39 नागरिकों समेत कुल 218 लोगों की मौत हो चुकी है।

देश की संसद में तत्कालीन रक्षामंत्री की उपरोक्त स्वीकारोक्ति के लगभग डेढ़ वर्ष पश्चात 9 अक्टूबर 2013 को तत्कालीन यूपीए सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट में बाकायदा शपथपत्र देकर इन दुर्घटनाओं के लिए HAL को जिम्मेदार ठहराया था।

अपने शपथपत्र में तत्कालीन यूपीए सरकार ने कहा था कि HAL द्वारा निर्मित किये जा रहे मिग-21 विमान मैन्यूफ़ैक्चरिंग डिफेक्ट्स (उत्पादन में दोष) के कारण दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं।

स्वयं कांग्रेस नेतृत्व वाली यूपीए सरकार तथा उसके रक्षामन्त्री द्वारा देश की संसद एवं दिल्ली हाईकोर्ट के समक्ष की गयी उपरोक्त स्वीकारोक्तियों के पश्चात क्या यह स्पष्ट नहीं हो गया था कि दुनिया के सर्वाधिक अत्याधुनिक लड़ाकू विमान राफेल के निर्माण की क्षमता व योग्यता HAL के पास नहीं है।

ध्यान रहे कि मिग-21 को तीसरी पीढ़ी का लड़ाकू विमान माना जाता है। जबकि राफेल को नवीनतम पांचवी पीढ़ी का अत्याधुनिक लड़ाकू विमान कहा जाता है।

अतः जिस HAL द्वारा तीसरी पीढ़ी के मिग-21 लड़ाकू विमानों के निर्माण में मैन्यूफ़ैक्चरिंग डिफेक्ट्स के कारण 55% से अधिक लड़ाकू विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गए हों, 171 पायलटों समेत 218 लोगों की मौत हो चुकी हो, उस HAL को क्या पांचवीं पीढ़ी के अत्याधुनिक लड़ाकू विमान राफेल के निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है?

क्या ऐसा कोई फैसला भारतीय वायुसेना के पायलटों को मौत के मुंह में झोंकने वाला देशघाती फैसला नहीं होता?

यूपीए सरकार के शासनकाल के ही दस्तावेज़ यह भी बताते हैं कि HAL को सौंपे गए हल्के लड़ाकू विमान तेजस के निर्माण के लक्ष्य से HAL लगभग 60% पीछे चल रहा है।

अतः राहुल गांधी और उनकी कांग्रेस को देश से यह बताना चाहिए कि क्या उपरोक्त तथ्यों व सच्चाई से वो आजतक पूरी तरह अनभिज्ञ हैं?

यदि अनभिज्ञ नहीं हैं तो फिर देश की संसद और दिल्ली हाईकोर्ट में स्वयं कांग्रेसी सरकार द्वारा स्वीकारी और उजागर की जा चुकी HAL की उपरोक्त अक्षमता, अयोग्यता के बावजूद अत्याधुनिक लड़ाकू विमान राफेल के निर्माण की जिम्मेदारी HAL को सौंपने की देशघाती ज़िद क्यों कर रही है कांग्रेस और राहुल गांधी?

कांग्रेस और राहुल गांधी की यह ज़िद क्या देश के वायुसैनिकों को बेमौत मारने की ज़िद नहीं है?

(जनवरी में प्रकाशित होने जा रही मेरी पुस्तक का एक अंश)

सबकुछ हार चुके किसी जुआरी से भी बदतर हो गयी है कांग्रेस की हालत

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