सरकार और डॉक्टरों के प्रयास के बाद अब बच्चे भी मधुमेह के साथ ले रहे जन्म

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आज विश्व मधुमेह दिवस है.

संसार भर में मधुमेह के रोगियों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है.

पहले सिर्फ बुजुर्गों को ही मधुमेह रोग होता था… सरकार और डॉक्टरों के अथक प्रयास के बाद अब बच्चे मधुमेह के साथ ही जन्म भी लेने लगे हैं😛

सरकारी आँकड़े के अनुसार अभी देश में ग्यारह करोड़ मधुमेह के रोगी हैं.
मधुमेह रोगियों के मामले में राजस्थान देश में नम्बर एक पर है, मध्यप्रदेश को दूसरे स्थान पर ही संतोष करना पड़ा है जबकि गेंहूँ का उत्पादन मध्यप्रदेश ज्यादा करता है 😊

डॉक्टर मधुमेह के रोगियों को भात नहीं खाने और रोटी खाने की सलाह देते हैं, पर चावल बहुल क्षेत्रों में गेहूँ बहुल क्षेत्रों की तुलना में मधुमेह के रोगी कम हैं.

अब भारतीय शोधकर्ताओं ने बताया है कि “रेड राइस” मधुमेह के रोगियों के लिए रोटी से ज्यादा लाभदायक है.

खान-पान में भारतीय बनने से ही बचाव होगा… मधुमेह दिवस मनाने से तो सिर्फ रोगियों की संख्या में वृद्धि ही हो रही है.

इंटरनेशनल डायबिटीज़ फेडरेशन के अनुसार… विश्व की 90% आबादी को 2030 तक मधुमेह रोग हो जाएगा.

डायबिटीज़ की दवा बनाने वाली कंपनियों का व्यापार भरपूर फलने-फूलने वाला है… शेयर खरीदने वाले निश्चिंत हो कर उन कंपनियों के शेयर खरीद सकते हैं 😊

डायबिटीज़ भी लाइफ स्टायल डिज़ीज़ ही है… और लाइफ स्टायल को तो हम सुधारेंगे नहीं.

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