‘संवाद’ : फिर कोई यह दावा नहीं कर पाएगा कि खास मज़हब, शांति का मज़हब है!

‘संवाद’ की ग्रेटर नोएडा विचारगोष्ठी में 300 किलोमीटर की ड्राइविंग के तुरंत बाद शामिल होना… 4 घण्टे निहायत असुविधाजनक कुर्सी पर बैठना… मामूली काम नहीं था… मग़र जहां पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ जैसा प्रखर वक्ता हो… कर्नल आरएसएन सिंह जैसा ओजस्वी, अनुभवी पूर्व रॉ (R&AW) अधिकारी और मंझा हुआ लेखक और टीवी सेलेब्रिटी हो…वहां के अनुभव आपसे … Continue reading ‘संवाद’ : फिर कोई यह दावा नहीं कर पाएगा कि खास मज़हब, शांति का मज़हब है!