‘संवाद’ : फिर कोई यह दावा नहीं कर पाएगा कि खास मज़हब, शांति का मज़हब है!

‘संवाद’ की ग्रेटर नोएडा विचारगोष्ठी में 300 किलोमीटर की ड्राइविंग के तुरंत बाद शामिल होना… 4 घण्टे निहायत असुविधाजनक कुर्सी पर बैठना… मामूली काम नहीं था…

मग़र जहां पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ जैसा प्रखर वक्ता हो… कर्नल आरएसएन सिंह जैसा ओजस्वी, अनुभवी पूर्व रॉ (R&AW) अधिकारी और मंझा हुआ लेखक और टीवी सेलेब्रिटी हो…वहां के अनुभव आपसे शेयर करना ज़रूरी है।

भाजपा विधायक सामान्य विधायकों से ज़्यादा जागरूक और पढ़े-लिखे दिखाई पड़े, लेकिन दिल्ली के सिख पूर्व भाजपा विधायक की सोच संकीर्ण दिखाई दी… उनका कहना था कि सिक्खों और गुरुओं ने हिंदुओं और देश के लिए बहुत योगदान किया… मग़र बदले में सिखों को उतना सम्मान (?) नहीं मिला…

यह सफेद झूठ था…! हिन्दू सदैव से सिक्खों को अतिरिक्त सम्मान देते आएं हैं… आज भी अनेक हिन्दू अपने घर से एक पुत्र को केश धारण कराकर सिख बनाते हैं…

सिख विधायक और गुरुद्वारे के एक ज्ञानीजी का प्रयास ही यह रहा कि सिखों-हिंदुओं को अलग-अलग कौम के रूप में उल्लेख किया जाये…

हिन्दू अहसानफरामोश नस्ल नहीं है… सभी गुरुओं की प्रतिष्ठा और जाबांज़ी की कहानियां सामूहिक सनातन ने ही तो लिखी हैं… सभी नौ गुरु शुद्ध सनातन थे… अंतिम गुरु श्री गोविंद सिंह जी ने सिख मत की स्थापना हिंदुत्व की रक्षा करने वाली एक मज़बूत बांह के रूप में की थी!…

दिल्ली विधायक और ज्ञानीजी ने शहादतों का उल्लेख किया और भाई मतीदास… भाई सतीदास का उल्लेख ‘सिक्ख’ के रूप में किया.. जबकि उनकी शहादत के समय ‘सिख’ विचार का उदय भी नहीं हुआ था…

विधायक का मानना था कि सिख गुरु हिंदुत्व और भारत के ‘सेवियर’ थे… कर्नल आरएसएन सिंह ने सही वक्त पर याद दिलाया कि हिन्दू-सनातन तो इस्लाम आक्रमण को सातवी शताब्दी से ही झेल रहा था… गुजरात, दक्षिण भारत, पंजाब और सिंध इसका सबसे शानदार उदाहरण थे…

शिवाजी महाराष्ट्र में गुरु तेग बहादुर के ही समकालीन थे… जिन्होंने अनेक जीत दर्ज कीं और औरंगज़ेब की ज़िंदगी नरक बना दी… महाराणा प्रताप और सैकड़ों हिन्दू योद्धाओं ने हिंदुओं और देश के लिए प्राण दिए!

दिल्ली के विधायक ने 1984 की 3000 सिक्खों की हत्या का ज़िक्र किया… झूठा दावा किया कि किसी को सज़ा नहीं मिली… मेरी जानकारी के अनुसार 35 लोगों को सज़ा सुनाई जा चुकी है!

बकौल आरएसएन सिंह… सिख विधायक 15 साल चले पाक-समर्थित सिख आतंक में 36000 लोगों की बलि को भूल गए… भिंडरवाले और सिमरनजीत सिंह मान का नाम लेना दिल्ली विधायक ने ज़रूरी नहीं समझा! कर्नल आरएसएन ने हर आतंक के पीछे जेहादी हाथ का खुला ज़िक्र किया! गोष्ठी में उपस्थित युवकों को कर्नल साहब ने अनूठी जानकारियां प्रदान कीं…

लेकिन असली आतिशबाज़ी पुष्पेंद्र कुमार जी ने की… इस्लामिक जगत में फैले ढकोसलों और अंधविश्वासों का पर्दाफाश किया… 58 मुल्कों में फैले इस्लामिक आन्तरिक युद्धों का ज़िक्र किया…

केंद्र की कश्मीर नीति की धज्जियाँ उड़नी ही थी! यह भी रहस्योद्घाटन हुआ कि कश्मीर के नए राज्यपाल… महबूबा मुफ्ती के पसंदीदा हैं और उनके पिता के बगलगीर रहे हैं!

कश्मीर में 35 A के दुष्प्रभावों का ज़िक्र हुआ… कश्मीरी हिंदुओं के कष्टों, पलायन, हत्या, बलात्कारों पर ह्रदयविदारक विमर्श रखा… पुष्पेंद्र जी ने हर युवक से अपील की… कि यदि इस्लाम के सही स्वरूप को जानना है तो कुरआन अवश्य पढ़ें… उसके बाद कोई यह दावा नहीं कर पाएगा कि खास मज़हब… शांति का मज़हब है!

एक हाथ में कम्प्यूटर, दूसरे हाथ में कुरान और दिल में जिहाद!

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