भोपाल उत्तर सीट पर निर्दलीय रविंद्र अवस्थी की धूम, सकते में भाजपा नेतृत्व

मध्यप्रदेश भाजपा के कर्ताधर्ताओं ने एक अजीबोगरीब निर्णय लेते हुए आगामी विधानसभा चुनाव में भोपाल की उत्तर विधानसभा सीट से ज़मीनी नेता रविन्द्र अवस्थी को टिकट न देकर काँग्रेस के मरहूम मुस्लिम कद्दावर नेता रसूल अहमद सिद्दीकी की बेटी फातिमा सिद्दीकी को टिकिट दिया।

इस के लिए सुश्री फातिमा सिद्दीक़ी को आननफानन में भाजपा की सदस्यता ग्रहण कराई गई और सदस्यता लेने के साथ ही उनको उत्तर भोपाल सीट से भाजपा प्रत्याशी बनाए जाने का ऐलान कर दिया गया।

पार्टी नेतृत्व के इस कदम से भाजपा कार्यकर्ता व क्षेत्रीय मतदाता ठगा सा अनुभव कर रहे हैं।

इसके बाद अब यह तय हो गया कि उत्तर भोपाल विधानसभा सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला होगा, क्योंकि रविंद्र अवस्थी (पूर्व संगठन महामंत्री भाजपा) ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर नामांकन दाखिल कर दिया है।

रविन्द्र अवस्थी दशकों से संघ व भाजपा से जुड़े ज़मीनी नेता है और उनकी टक्कर मुख्य रूप से काँग्रेस प्रत्याशी व निवर्तमान विधायक आरिफ अकील से होगी। भाजपा से टिकट पाईं फातिमा सिद्दीकी को क्षेत्र में महज़ ‘पैराशूट उम्मीदवार’ मान कर गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि निर्दलीय प्रत्याशी को उत्तर भोपालवासी पहले भी कई बार विजयी बना चुका है।

जानकारों के मुताबिक़ भाजपा की यह गलती उत्तर भोपाल में बहुत भारी पड़ेगी। निश्चित तौर पर रवींद्र अवस्थी वहां अब सबसे मज़बूत दावेदार हो गए हैं।

वरिष्ठ पत्रकार डॉ प्रवीण तिवारी कहते हैं कि इतने कर्मठ कार्यकर्ता को टिकट न देकर अपने जमे हुए वोटर्स के सामने एक पुराने कांग्रेसी के परिजनों को उतारना भाजपा का एक मूर्खतापूर्ण फैसला दिखाई पड़ता है।

डॉ तिवारी के अनुसार, लगता है इन चुनावों में भाजपा की नैया ऐसे ही विधायक पार लगाएंगे जो पार्टी के प्रति वफादार हैं लेकिन पार्टी के गलत फैसलों के चलते जिन्हें अपनी लड़ाई खुद लड़नी पड़ रही है। बचपन से भोपाल की गलियों में एक लाइन पढ़ी है हिंदू मुस्लिम सिख इसाई, सबका प्यारा भूरा भाई।

क्षेत्र के भाजपा कार्यकर्ता अनिल सिंह कुशवाहा कहते हैं – ये शख्स तोड़ेगा भाजपा का गुरूर..! उत्तर भोपाल में बात अब प्रतिष्ठा की हो गई है। यह भाजपा कार्यकर्ताओं के सम्मान की असली लड़ाई भी है। सभी कार्यकर्ताओं को संकल्प लेकर पंडित रवींद्र अवस्थी के लिए जुटना होगा, नया इतिहास रचना होगा।

पार्टी के फैसले से क्षुब्ध अनिल सिंह का कहना है कि असंभव कुछ भी नहीं है। जीत पक्की है। भाजपा के लिए ये बड़ा सबक होगा। क्योंकि, कार्यकर्ता नेतृत्व के गलत फैसले को पलटकर एक समर्पित कार्यकर्ता को जिताने की ताकत भी रखता है। और मैं भी एक ज़मीनी कार्यकर्ता की शानदार जीत को देखना चाहता हूँ!

वहीं एक अन्य कार्यकर्ता भानु भार्गव ने भाजपा नेतृत्व की जवाबदारी तय करने की बात की है। उन्होंने कहा, फातिमा सिद्दीकी को भाजपा के जिन भी पदाधिकारियों द्वारा भोपाल उत्तर विधानसभा सीट से टिकट दिलवाया गया है, उनकी जिम्मेदारी बनती है कि वे उन्हें सम्मानजनक वोट दिलवाएं, नहीं तो परिणाम आने के पश्चात अपनी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए सभी पदों से इस्तीफा दें। इस्तीफा न देने पर पार्टी द्वारा उनपर कठोर कार्रवाई की जावे। क्योंकि फातिमा सिद्दीकी जीतेंगी तो हैं नहीं।

विपक्षी गठबंधन न होने देना ही सुनिश्चित करेगा भाजपा की जीत

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