प्रधानमंत्री के मन की बात

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने कहा है कि देश अगर आज एक सूत्र में बंधा दिखता है तो यह पूर्ण रूप से सरदार बल्‍लभभाई पटेल की सूझबूझ, संवेदनशीलता और रणनीतिक कौशल के कारण है।

आज आकाशवाणी से 49वीं बार मन की बात करते हुए श्री मोदी ने कहा कि राष्‍ट्र इस महीने की 31 तारीख को सरदार पटेल को उनकी जयंती के अवसर पर श्रद्धांजलि अर्पित करेगा, और उसी दिन स्‍टेच्‍यू ऑफ यूनिटी भी राष्‍ट्र को समर्पित की जाएगी।

सरदार पटेल की यह प्रतिमा विश्‍व की सबसे ऊंची प्रतिमा है। प्रधानमंत्री ने लोगों से बड़ी संख्‍या में इस अवसर पर आयोजित होने वाली एकता की दौड़ में भाग लेने का भी आग्रह किया।

उन्‍होंने कहा कि प्रत्‍येक भारतीय को भारत की भूमि पर विश्‍व की इस सबसे ऊंची प्रतिमा को देख कर गर्व होगा। श्री मोदी ने कहा कि सरदार पटेल जो जमीन से जुड़े नेता थे, अब आसमान की भी शोभा बढ़ाएंगे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय खेल आज रोज एक नई ऊंचाइयां छू रहे हैं। भारत न केवल खेलों के क्षेत्र में बल्कि अब उन क्षेत्रों में भी नया रिकार्ड स्‍थापित कर रहा है, जिनके बारे में कभी सोचा तक नहीं गया था। उन्‍होंने कहा कि खेलों के लिए खेल भावना, शक्ति, कौशल और सहनशक्ति के गुण बहुत ही महत्‍वपूर्ण होते हैं। अगर किसी खिलाड़ी में ये गुण पाए जाते हैं तो देश न केवल अर्थव्‍यवस्‍था और विज्ञान तथा प्रौद्य‍ोगिकी के क्षेत्र में तरक्‍की करेगा बल्कि खेलों के क्षेत्र में भी अपना परचम फहराएगा।

पैरा एशियाई खेलों के पदक विजेताओं से अपनी मुलाकात का उल्‍लेख करते हुए श्री मोदी ने कहा कि उनकी दृढ इच्‍छा शक्ति और विपरीत परिस्थितियों में भी आगे बढ़ने का उनका जज्‍बा सभी देशवासियों के लिए प्रेरणादायी है। इसी वर्ष हुए ग्रीष्‍मकालीन युवा ओलंपिक में देश के युवाओं के प्रदर्शन की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि युवा खिलाडि़यों की लगन और समर्पण न्‍यू इंडिया की पहचान है।

श्री मोदी ने कहा कि भारत ने पिछले वर्ष 17 वर्ष से कम आयु के युवाओं की फीफा विश्‍व कप प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया था, और इस वर्ष हॉकी विश्‍व कप का आयोजन ओडिशा के भुबनेश्‍वर में किया जा रहा है।

उन्‍होंने कहा कि प्रत्‍येक भारतीय जो कोई भी खेल खेलता है या खेलों में जिसकी दिलचस्‍पी है, उसे निश्चित रूप से हॉकी से लगाव होगा। श्री मोदी ने कहा कि हॉकी में भारत का स्‍वर्णिम इतिहास रहा है, और भारत में हॉकी के जादूगर मेजर ध्‍यानचंद जैसे अनेक महान खिलाड़ी हुए हैं।

श्री मोदी ने कहा कि खेल प्रेमियों के लिए हॉकी विश्‍व कप में उत्‍कृष्‍ट खेल देखने का यह एक अच्‍छा अवसर है। उन्‍होंने लोगों से भुवनेश्‍वर जाकर यह प्रतियोगिता देखने और भारत सहित अन्‍य देशों के खिलाडि़यों का उत्‍साहवर्धन करने को कहा।

श्री मोदी ने कहा कि ओडिशा का एक गौरवशाली इतिहास है तथा उसकी सांस्‍कृतिक विरासत समृद्ध रही है। खेल प्रेमियों के लिए ओडि़शा के दर्शन का यह एक अच्‍छा अवसर है। उन्‍होंने कहा कि खेलों का आनंद उठाने के साथ-साथ लोग कोणार्क के सूर्य मंदिर पुरी में जगन्‍नाथ मंदिर और चिलका झील जैसे प्रसिद्ध दर्शनीय स्‍थलों को देख सकते हैं। उन्‍होंने इस प्रतियोगिता के लिए पुरुष हॉकी टीम को शुभकामनाएं दीं और भरोसा दिलाया कि सवा सौ करोड़ भारतीय उनके साथ और समर्थन में खड़े हैं।

श्री मोदी ने प्रतियोगिता में भाग लेने आ रही विश्‍व की अन्‍य टीमों के लिए भी शुभकामनाएं दीं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। सदियों से यह भारत की परम्‍परा रही है और इस परम्‍परा की सुगंध समाज के प्रत्‍येक क्षेत्र में अनुभव की जा रही है।

उन्‍होंने कहा कि नए युग में नई पीढ़ी एक नए तरीके से नई ऊर्जा और उमंग से अपने सपनों को पूरा करने के लिए आगे आ रही है। सामाजिक गतिविधियों के लिए आईटी कंपनियों के कर्मचारियों को प्रोत्‍साहित करने और इस क्षेत्र में काम दिखाने का अवसर प्रदान करने के लिए हाल ही में शुरू की गयी सेल्‍फ 4 सोसायटी का उल्‍लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उनका उत्‍साह और लगन देख कर प्रत्‍येक भारतीय को गर्व महसूस होगा।

उन्‍होंने कहा कि इसमें स्‍व से समष्टि की यात्रा की महक है और समर्पण तथा संकल्‍प का नि:स्‍वार्थ भाव ही इसकी संचालन शक्ति है। उन्‍होंने कहा कि मैं नहीं हम की यह भावना लोगों को निश्चित रूप से प्रेरित करती रहेगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज समूचा विश्‍व और विशेष रूप से पश्चिमी देश पर्यावरण संरक्षण की चर्चा कर रहे हैं और संतुलित जीवनशैली अपनाने के लिए नए-नए रास्‍ते तलाशने की कोशिश में लगे हैं।

उन्‍होंने कहा कि इसके समाधान के लिए लोगों को अपने भीतर ही झांकना होगा और समृद्ध इतिहास तथा परम्‍पराओं को देखना होगा। लोगों को खासकर जनजातीय समुदायों की जीवनशैली समझना होगा।

श्री मोदी ने कहा कि प्रकृति के साथ सामंजस्‍य बनाकर रहना हमारे आदिवासी समुदायों की जीवनशैली का एक अभिन्‍न अंग रहा है। उन्‍होंने कहा कि जनजातीय समुदाय शांतिपूर्ण सह-अस्तित्‍व में विश्‍वास करता है लेकिन अगर कोई प्राकृतिक संसाधनों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करता है तो वे अपने अधिकारों के लिए लड़ने से संकोच नहीं करते। श्री मोदी ने कहा कि देश के सबसे पहले स्‍वतंत्रता सेनानी, आदिवासी समुदाय के लोग ही थे।

प्रधानमंत्री ने पंजाब के किसान गुरूबचन सिंह का उल्‍लेख भी किया, जिन्‍होंने अपने बेटे की शादी के दौरान वधु के पिता को वचन दिया कि वे खेतों में पराली नहीं जलाएंगे।

श्री मोदी ने कहा कि उनकी यह शर्त हमारे समाज की असली ताकत को दर्शाता है। उन्‍होंने कहा कि पंजाब के गांव कल्‍लर माजरा में किसान पराली को खेत में जलाने की बजाय हल चलाकर मिट्टी में ही मिला रहे हैं। उसके लिए जो भी तकनीक प्रयोग करनी होती है, वे जरूर करते हैं।

उन्‍होंने कहा कि किसान पर्यावरण को स्‍वच्‍छ और प्रदूषण-रहित बनाए रखने के लिए अपना श्रेष्‍ट प्रयास कर रहे हैं, और स्‍वस्‍थ जीवनशैली की भारतीय विरासत को एक सच्‍चे उत्‍तराधिकारी के रूप में आगे बढ़ा रहे हैं।

श्री मोदी ने कहा कि एक छोटा से रचनात्‍मक कदम भी एक सकारात्‍मक वातावरण बनाने में महत्‍वपूर्ण भूमिका अदा करता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जहां भी विश्‍व शांति की चर्चा होगी, भारत का नाम और योगदान स्‍वर्णिम अक्षरों में अंकित दिखेगा।

भारतीय सैनिकों ने प्रथम विश्‍व युद्ध के दौरान बहुत बड़ी भूमिका निभाई, वे बड़ी बहादुरी से लड़े और अपना सर्वोच्‍च बलिदान दिया। उन्‍होंने कहा कि सौ साल पहले 11 नवम्‍बर को प्रथम विश्‍व युद्ध समाप्‍त हुआ था।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आतंकवाद, जलवायु परिवर्तन, आर्थिक विकास और सामाजिक न्‍याय जैसे मुद्दों के समाधान के लिए सभी देशों को मिलकर काम करने की जरूरत है।

प्रधानमंत्री ने सतत खाद्य प्रणाली को प्रोत्‍साहित करने के लिए प्रतिष्ठित फ्यूचर पॉलिसी गोल्‍ड पुरस्‍कार प्राप्‍त करने के लिए सिक्किम को बधाई दी। उन्‍होंने कहा कि पूर्वोत्‍तर क्षेत्र ने जैविक खेती के क्षेत्र में बहुत उन्‍नत की है।

श्री मोदी ने आगामी त्‍यौहारों- धनतेरस, दीपावली, भाई दूज और छठ के लिए देशवासियों को शुभकामनाएं दीं।

अयप्पा टू अयोध्या

Comments

comments

loading...

LEAVE A REPLY