पाकिस्तानी फौज की तरह पत्थर से खुरच के काई खा रहा है समूचा विपक्ष

War Room में जब किसी युद्ध की प्लानिंग होती है तो दो पक्ष बना दिए जाते हैं और सामने युद्धभूमि का नक्शा या मॉडल रख दिया जाता है। फिर बाकायदा शतरंज के खेल की तरह घात प्रतिघात होता है।

हम इधर से हमला करेंगे, तो शत्रु इधर से बचाव करेगा और फिर इधर से प्रत्याक्रमण… इसी तरह सारी संभावनाओं पर विचार कर युद्ध की strategy बनती है…

1984 में भारतीय सेना ने सियाचेन ग्लेशियर की खाली पड़ी अग्रिम चौकियों पर कब्जा कर लिया… अब चूंकि भारतीय सैनिक ऊपर बैठे हैं, ऊंचाई पर, और पाकिस्तानी सेना को नीचे से ऊपर आ के युद्ध करना है… आज तक पाकिस्तानी सेना हमसे सियाचेन खाली न करा पाई…

इसी का बदला लेने के लिए 1999 में मुशर्रफ ने कारगिल रचा… जब कारगिल की प्लानिंग war room में चल रही थी, तो पाकिस्तानी जनरल ने तर्क दिया… जैसे हम कभी सियाचेन खाली न करा पाए, भारतीय सेना भी कारगिल खाली नहीं करा पाएगी… पर Indian Army ने सिर्फ दो महीने के युद्ध में ही पाकिस्तानियों को गाजर मूली की तरह काट दिया और अपना इलाका वापस पा लिया…

कारगिल युद्ध को विश्व सैन्य इतिहास का सबसे भीषण युद्ध माना जाता है, क्योंकि ऐसी युद्ध भूमि, ऐसे terrain में, ऐसी 18000 फुट ऊंची खड़ी नंगी पहाड़ियों पर माइनस 20 डिग्री की ठंड में कभी कोई युद्ध आज तक लड़ा नहीं गया था… और सबसे मज़ेदार बात ये कि सेना ऐसे युद्ध के लिए प्रशिक्षित ही न थी…

सेनाएं 50 – 55 डिग्री के तपते रेगिस्तान और माइनस 20 डिग्री के लेह लद्दाख, जंगल, दलदल, सामान्य पहाड़, नदी नालों के लिए तो प्रशिक्षित होती हैं, पर ऐसी खड़ी नंगी पहाड़ियों पर, जिनपर दुश्मन ऊपर बैठा सब देख रहा हो… ऐसी लड़ाई के लिए सेना trained ही न थी… क्योंकि किसी ने कभी सोचा ही न था कि कभी ऐसी भी लड़ाई लड़नी पड़ेगी…

पाकिस्तानी जनरल ये आकलन करने में चूक गए कि जब हम कारगिल द्रास की ऊंचाइयों पर कब्जा कर लेंगे तो अटल जी की सरकार और भारतीय सेना कैसे react करेगी, किस हद तक react करेगी… दोनों पक्ष चूंकि एटमी हथियारों से लैस हैं इसलिए युद्ध हुआ तो किस स्तर का होगा?

War room में strategy बनाते समय किसी पाकिस्तानी जनरल ने इस संभावना पर विचार न किया कि अगर भारतीय सेना ने अपनी Heavy Artilary यानी बोफ़ोर्स तैनात कर दी तो क्या होगा?

भारतीय सेना वहां बोफ़ोर्स deploy न कर सके, इसे रोकने के लिए पाकिस्तान ने कोई तैयारी न की… और Indian Army ने वहां बोफ़ोर्स लगा दी… कारगिल युद्ध में बोफोर्स ने अहम भूमिका निभाई।

दूसरे ये कि पाकिस्तानी ये मान के चल रहे थे कि Indian Army की पैदल सेना इस पहाड़ पर चढ़ के हमला कर ही नहीं पाएगी… चढ़ेगी तो हमको सब दिखेगा…

वो ये भूल गए कि वहां जब मौसम खराब होगा, घना कोहरा या बादल होंगे, या फिर रात के अंधेरे में कुछ न दिखेगा… यही हुआ… भारतीय सैनिक रात के अंधेरे में, खराब मौसम में पहाड़ चढ़ गए और कारगिल जीत लिया…

युद्ध के अंतिम दौर में पाकिस्तान ने अपने सैनिकों को उनकी किस्मत पर छोड़ दिया… न सिर्फ छोड़ दिया बल्कि नकार दिया कि ये हमारे सैनिक हैं ही नहीं… उनको रसद पहुंचानी बंद कर दी… उनके शव तक लेने से इनकार कर दिया…

युद्ध के अंतिम दौर में पाकिस्तानी सैनिकों के पास न गोला बारूद बचा था और न राशन पानी…

वहां मारे गए बहुत से पाकिस्तानी सैनिकों का जब भारतीय सेना ने postmortem कराया, तो उनके पेट खाली थे, शरीर बुरी तरह dehydrated था और उनके पेट में एक किस्म की काई बरामद हुई… वो काई जो 18000 फीट की ऊंचाई पर, नंगे पहाड़ों पर, जहां कोई घास पात वनस्पति नहीं होती… वहां पत्थरों पर एक काई चिपकी होती है… पाकिस्तानी सैनिक वही काई खुरच के खा रहे थे…

काई क्यों खा रहे थे?

क्योंकि और कुछ न था खाने को… कुछ भी तो न था… जब कुछ नहीं होता खाने को तो आदमी काई भी खा के ज़िंदा रहने की कोशिश करता है… ये जानते हुए कि इससे कुछ न होगा… फिर भी मजबूरी में खाता है…

राहुल गांधी समेत पूरा विपक्ष ये जानता है कि राफेल खरीद में भ्रष्टाचार के आरोप में दम नहीं, सफेद झूठ है ये… इसके बावजूद बोल रहे हैं… जानते हैं क्यों?

क्योंकि इसके अलावा और कुछ है ही नही बोलने को… मोदी सरकार को घेरने के लिए विपक्ष के पास मुद्दा ही क्या है?

नोटबन्दी और GST के आरोपों को जनता नकार चुकी है… नोटबन्दी के बावजूद 20 चुनाव जीत चुकी भाजपा… विकास कार्य तेज़ी से हो रहे हैं… पिछले 70 साल में जो काम न हुए वो पिछले 4 साल में हुए…

मोदी दिन रात लगे हैं, आज तक एक भी छुट्टी नहीं की, दिन में 18 घंटे काम करते हैं… राहुल गांधी समेत पूरा विपक्ष जानता है कि मोदी की ईमानदारी. उनकी Integrity पर सवाल नहीं उठाये जा सकते।

मोदी भ्रष्ट हैं, ये आरोप देश की जनता मानेगी ही नहीं… इसके बावजूद समूचा विपक्ष राफेल राफेल चिल्ला रहा है… वो जानते हैं कि आरोप में दम नहीं फिर भी चिल्ला रहे हैं…

ये कुछ कुछ पाकिस्तानी फौज द्वारा पत्थर से खुरच के काई खाने जैसा है।

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