‘मैं’ नहीं ‘हम’ : रोशनी आपसे आ रही है मोदी जी…

Townhall interaction with IT professionals : प्रधानमंत्री मोदी जी के भाषण से कुछ उद्धृत बिंदु…

“…भीतर संतोष कैसे मिले?…”

– अज़ीम प्रेमजी – संतोष अब मिल रहा है (शिक्षा के लिए काम करते हुए)

– अपनी मौजूदगी में जो कुछ करता है, संतोष उससे मिलता है

– स्वांतः सुखाय…

– राम सेतु निर्माण – गिलहरी का योगदान, राम को भी गिलहरी की ज़रूरत पड़ती है…

– मेरे पास जो अनुभव है उससे कुछ भी कर सकता हूँ क्या?

– व्यवस्था से ज़्यादा, स्व-प्रेरणा से जो बातें होती हैं, उसकी बातें अलग है…

– एक बीज बोया जाता है – एक दिन मैं भी वहाँ जाऊँगा…

– Temperament – देश की बहुत बड़ी ताक़त होता है

– एकल से सामूहिकता की ओर चलना – एक मिशन जोड़ दिया जाए तो परिवर्तन नज़र आता है..

– भारत की तकदीर, तकनीक में है…

– एक ‘माली’ का एक व्यवस्था के तहत काम करना…

– एक मूलभूत स्वभाव पड़ा होता है इंसान के अंदर – किसी के लिए कुछ करना और वही है: “मैं नहीं हम”

– अगर हम संवेदना के साथ घटनाओं को महसूस करना शुरू करें तो आपका सोचने का तरीका बदल जाएगा..

– भीतर कोई चीज़ पड़ी थी जिसने उसको प्रेरित किया… (Wealth from Waste example by a farmer)

– ये चश्मा भी गाँधी का है, ये vision भी गाँधी का है.. ये मोदी का नहीं है.. हमलोग तो प्रायश्चित कर रहे हैं, अधूरे काम को पूरा कर रहे हैं..

– कुछ काम सरकार नहीं सकती है, संस्कार कर सकते हैं

– जहाँ हैं, वहाँ से आगे जाएँ (+1 step)

– Example from Gujarat – छोटी सी चीज़ (शीशा का प्रयोग आदिवासी क्षेत्र में) से consciousness

– Use and throw – बाहर से आई हुई विकृति है

– Micro irrigation, timber on demarcation area in farming land, bee harvesting which are also readily available farm labor

– दुनिया को लगता है कि मोदी आज सबको सीखा रहा है, किंतु मोदी आप सब से सीख रहा है – यह 2-way है

– टैक्स देने वालों को भरोसा हो रहा कि मेरी पाई-पाई का उपयोग हो रहा है, टैक्‍स बेस इसलिए बढ़ रहा है, यह मोदी के कारण नहीं बढ़ रहा है

– आनंद महिंद्रा – रोशनी आपसे आ रही है मोदी जी..

– देश अकेले प्रधानमंत्री से नहीं होता है, देश में लाखों pillars खड़े करने पड़ते हैं (on Anand Mahindra’s greetings to Modi ji for getting Seoul Peace Prize 2018)

– Example of Akshaypatra (Social Start-Up)

– हमारे देश में उस व्यवस्था पर हमको पहुँचना ही होगा जिसमें हर किसी को समान अधिकार हो, समान अधिकार हो… सिओल शांति पुरस्कार में ये एक ‘Inclusiveness’ का भी मुख्य बिंदु है. Extra strength being converted into productive strength

– Banking system is backbone of any country’s economy

– शिक्षा सबसे बड़ा आरंभिक आधार होता है.. अगर हमें सामाजिक movement करना है और वहाँ शिक्षा द्वारा परिवर्तन लाते हैं तो उनको साथ जोड़ने का दरवाज़ा खुल जाता है.. Inclusion का सकारात्मक प्रयास.. (Financial Inclusion plus Social Inclusion)

– Positive Inspirational News sharing on Self4Society

– Mindtree (Bhubaneswar) – प्रधानमंत्री जी, आज तक मन की बात सुनते आ रहे थे, आज दिल की बात सुन रहे हैं..

– मैं योग की दुनिया से जुड़ा हुआ इंसान हूँ.. मन की बात करता हूँ तब भी वह दिल की ही बात होती है…

  • मीनाक्षी करण

देश के बौद्धिक, वैचारिक पोषण के बारे में तीव्र चिंता करने का समय आ चुका जानिए

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