रेप आरोपी बिशप की रिहाई और गवाह की मौत! इतना सन्नाटा क्यों है भाई?

ईसाई पादरी Bishop Franco Mulakkal (फ्रांको मुलक्कल) जेल से छूट के जब वापस जालंधर आये तो उनके स्वागत में Red Carpet बिछाया गया और उन पर फूलों की वर्षा हुई… ‘अभूतपूर्व स्वागत’ हुआ…

उनके स्वागत में हज़ारों लोग आये… यूँ मानो Bishop Franco Mulakkal कोई विश्व विजय कर लौटे हों…

उन पर आरोप है कि उन्होंने अपनी ही Diocese की एक Nun का लगातार दो साल तक बलात्कार किया… VICTIM ने स्वयं आरोपी के खिलाफ FIR लिखाई है… उसके आरोपों का समर्थन उसके साथ की ही कई अन्य Nuns ने किया है। न सिर्फ समर्थन किया है बल्कि बाकायदे कलमबद्ध बयान दिया है।

इसके अलावा, जालंधर Diocese के ही एक अन्य पादरी Father Kuriakose Kattuthara (कुरियाकोज़ कट्टुथारा) ने भी पीड़िता के आरोपों को सही बताते हुए उसके पक्ष में कलमबद्ध बयान दिया…

Victim आज भी जीवित है… इसके बावजूद High Court ने आरोपी Bishop को सिर्फ 15 दिन में न सिर्फ ज़मानत दे दी बल्कि जालंधर जाने से किसी भी प्रकार की कोई रोक तक नहीं लगाई ताकि वो सबूतों और गवाहों से कोई छेड़छाड़ न कर सकें…

इसका नतीजा ये हुआ कि दो दिन पहले इस केस के सबसे अहम गवाह Father Kuriakose Kattuthara की अत्यंत रहस्यमयी परिस्थितियों में मृत्यु हो गयी। उनका शव दसूहा के St. Paul’s Convent School में पाया गया…

मृतक Kattuthara पिछले एक महीने से लगातार आरोप लगा रहे थे कि यदि Bishop Mulakkal को ज़मानत मिली तो मुझे मार दिया जाएगा… इसके बावजूद Franko Mulakkal को High Court से जमानत मिली और उसके एक हफ्ते के भीतर witness Kattuthara की हत्या हो गयी…

Father Kattuthara के छोटे भाई ने आरोप लगाया कि पिछले एक सप्ताह से लगातार वे फोन कर के बता रहे थे कि उनकी जान को खतरा है, उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं, उनके घर पर कई बार पथराव किया जा चुका है, उनकी Car के शीशे फोड़ दिए गए हैं…

इसके बावजूद पंजाब सरकार ने और उसकी पुलिस ने Father Kuttuthara को किसी किस्म की कोई सुरक्षा देने की ज़रूरत नहीं समझी…

आरोपी Bishop Mulakkal की ताक़त का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिन आरोपों में आसाराम बापू को पिछले 5 साल से ज़मानत नहीं मिली, वहीं judiciary Bishop को 15 दिन भी जेल के भीतर न रख पाई…

इसका सीधा सा कारण ये है कि Bishop Mulakkal के नेतृत्व में यहां पंजाब में पिछले 5 साल से बड़े वृहद स्तर पर सिखों को ईसाई बनाने का प्रोग्राम खुलेआम चल रहा है, जिसमें Vatican एवं अन्य मिशनरीज़ से करोड़ों नहीं बल्कि अरबों रुपये की ग्रांट आ रही है… यहां पंजाब की ईसाई lobby खुल के Congress का न सिर्फ समर्थन करती है बल्कि Party को करोड़ों रुपये का चंदा भी देती है और अपने मंचों से प्रचार भी करती है।

जिस प्रकार विदेश में बैठे खालिस्तानी AAP को समर्थन देते हैं उसी तरह ईसाई मिशनरियां कांग्रेस को समर्थन देती हैं। ज़ाहिर सी बात है, कांग्रेस ईसाई lobby को नाराज़ नही करना चाहती… उसी तरह केरल में भी प्रशासन और Judiciary में ईसाई Lobby का ही बोलबाला है… लिहाजा सिर्फ 15 दिन में ज़मानत मिल गयी…

सबसे दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति ये है कि इस विषय में मीडिया भी अपना मुंह नहीं खोल रहा और एक रहस्यमय चुप्पी छाई हुई है… बड़ी बिंदी gang भी चुप है… MeToo में 10 – 20 – 30 साल पुराने आरोप, सिर्फ आरोप वो भी मीडिया में, पुलिस में नहीं, किसी FIR में नहीं… सिर्फ मौखिक आरोप लागाने वाली संदिग्ध औरतों पर आसमान सिर पर उठा लेने वाला मीडिया और बड़ी बिंदी गैंग बिशप Mulakkal के केस में शांत चुप क्यों बैठा है…

क्या वाकई Vatican और Roman Italian माफिया का इतना खौफ/ प्रभाव है कि देश का पूरा मीडिया ही चुप है? ऐसा कहा जाता है कि आसाराम बापू गुजरात में ईसाई मिशनरियों के खिलाफ अभियान चलाये थे इसलिए उनको जेल में ठूँस दिया गया और आज तक ज़मानत न हुई… वहीं Mulakkal सिर्फ 15 दिन में छूट के न सिर्फ बाहर आये बल्कि उनके ऊपर फूलों की वर्षा कर उनका स्वागत भी हुआ…

Bishop Mulakkal द्वारा बलत्कृत Nun ने आरोप लगाया है कि उसकी जान को खतरा है और उसकी हत्या कराई जा सकती है… Italian माफिया की ये खासियत है कि वो हत्या को रहस्यमय बीमारी या जहर को दवा का overdose बता के छुपाने में माहिर है।

शशि थरूर की पत्नी सुनंदा पुष्कर और Father Kattuthara की मौत एक सी लगती है… Father के शरीर पर बाहरी चोट का कोई निशान नहीं है और वो अपनी ही Vomit में औंधे पड़े पाए गए, एकदम सुनंदा पुष्कर की तरह…

बिशप, नन और ब्राइड ऑफ द क्राइस्ट

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