चुनावी रैलियों एवं सभाओं की अनुमति के लिए ऑनलाइन किये जा सकेंगे आवेदन

विधानसभा चुनाव के दौरान राजनैतिक दलों और प्रत्याशियों को सभा के लिये मैदान की अनुमति लेने, रैली निकालने, लाउडस्पीकर, वाहन एवं हेलीपैड के लिये अनुमति लेने अब निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय जाने की जरूरत नहीं पडेगी। वे इन अनुमतियों के लिये ऑनलाइन आवेदन भी कर सकते हैं।

चुनाव आयोग ने पारदर्शिता के मद्देनजर किसी भी कार्य की अनुमति लेने के लिये राजनैतिक दलों और अभ्यर्थियों को पहले आओ पहले पाओ की सुविधा दी है। इसके तहत जो पहले ऑनलाइन आवेदन करेगा, उसे पहले अनुमति दी जायेगी। इसके लिये सुविधा एप पर तय समय के पूर्व ऑनलाइन आवेदन करना होगा।

आवेदन करने के बाद उपलब्धता अनुसार उन्हें अनुमति दी जायेगी। विधानसभा चुनाव को सरल एवं पारदर्शी बनाने के लिये इस बार आम सभायें, रैली, वाहनों के अधिग्रहण की जानकारी सहित विभिन्न समस्याओं का समाधान भी ऑनलाइन किया जायेगा।

चुनाव आयोग के विशेष साफ्टवेयर के द्वारा चुनाव में लगे अधिकारियों एवं कर्मचारियों की निगरानी की जायेगी। वाहनों के अधिग्रहण करने की प्रक्रिया भी ऑनलाइन की गई है। निर्वाचन कार्य के लिये निर्वाचन आयोग ने सुगम सुविधा व समाधान नामक एप भी बनाये हैं।

बिना प्रि-सर्टिफिकेशन के राजनैतिक विज्ञापनों का प्रसारण न करने के निर्देश

जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर श्रीमती छवि भारद्वाज ने सभी केवल ऑपरेटर्स, एफ एम रेडियो, सिनेमा घर एवं मल्टीप्लेक्स, न्यूज चैनल्स, आकाशवाणी एवं दूरदर्शन को मीडिया प्रमाणन एवं अनुवीक्षण समिति के प्रि-सर्टिफिकेशन के बिना किसी भी तरह के राजनैतिक विज्ञापनों का प्रसारण और प्रदर्शन नहीं करने के निर्देश दिए हैं।

श्रीमती भारद्वाज ने इस बारे में आज जारी आदेश में सर्वोच्च न्यायालय एवं भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए कहा है कि जिला स्तरीय मीडिया प्रमाणन एवं मीडिया अनुवीक्षण समिति के बिना राजनैतिक विज्ञापनों का प्रसारण एवं प्रदर्शन लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 127 (क) का उल्लंघन माना जायेगा और इसके लिए दोषी केवल ऑपरेटर, सभी तरह के इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, वेब पोर्टल, सिनेमाघर एवं मल्टीप्लेक्स के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर वैधानिक कार्यवाही की जाएगी ।

कलेक्टर ने लिया मतदान कर्मियों के प्रशिक्षण का जायजा

विधानसभा चुनाव की चल रही प्रशासनिक तैयारियों के तहत मतदान दलों में मतदान अधिकारी क्रमांक एक बनाए गए कर्मचारियों का दो दिनों का प्रशिक्षण आज से होम साइंस कालेज एवं मॉडल हाईस्कूल में प्रारंभ हुआ।

दो सत्रों में आयोजित इस प्रशिक्षण का जिला निर्वाचन अधिकारी कलेक्टर श्रीमती छवि भारद्वाज ने जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि मतदान कर्मियों को प्रशिक्षण में सिखाई जाने वाली हर चीजों को अच्छी तरह से समझ लेना होगा।

कलेक्टर ने कहा कि मतदान् कर्मियों को खास तौर पर यह ध्यान रखना होगा कि मतदान दिवस पर की गई छोटी सी गलती भी उनके विरूद्ध बड़ी कार्यवाही का कारण बन सकती है।

श्रीमती भारद्वाज ने मतदान कर्मियों को मतदान के दौरान पूरी सावधानी और सजगता बरतने की सलाह दी और मतदान को लेकर निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का गहराई से अध्ययन करने की बात कही। कलेक्टर ने ईव्हीएम एवं व्हीव्हीपेट मशीन से मतदान कराने की प्रक्रिया के बारे में भी मतदान कर्मियों को जानकारी दी।

मतदान दलों के नियुक्त मतदान अधिकारी क्रमांक-एक का प्रशिक्षण कल 25 अक्टूबर को भी जारी रहेगा। मतदान दलों के प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत 26 एवं 27 अक्टूबर को मतदान अधिकारी क्रमांक-दो बनाए गए कर्मचारियों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

वाहनों पर रखी जायेगी नज़र

विधानसभा निर्वाचन की घोषणा के साथ ही जिले में व्यय अनुवीक्षण दल, उड़नदस्ता दल और स्थैतिक व्यय निगरानी दल गठित कर वाहनों सहित संदिग्ध व्यक्तियों पर नजर रखी जा रही है।

वाहन चेकिंग के दौरान यदि किसी व्यक्ति के पास बड़ी मात्रा नकदी पाई जायेगी तो उसे इस राशि का स्त्रोत बताना होगा। असुविधा से बचने के लिए बैंक की पासबुक, एटीएम की स्लिप, रसीद या अन्य कोई प्रमाण साथ में रखना होगी।

काम धंधे या अन्य कोई जरूरत के अनुसार व्यक्ति वाहन से यात्रा करते समय अपने पास नगद राशि लेकर चलते हैं तो उन्हें अपने साथ नकदी रखने का प्रमाण बताना होगा। इससे जाँच के दौरान प्रमाणों के परीक्षण में सुविधा होगी और संबंधित व्यक्ति को भी अनावश्यक रूप से परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी।

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