अनीता की रसोई से : शरद पूर्णिमा के लिए खीर की एक नई विधि

कहा जाता है कि आज की रात चांदनी में खीर रखने से उसमें अमृत घुल जाता है। अब यह कितना सत्य है यह आपकी आस्था पर निर्भर करता है पर इतना अवश्य कहूंगी कि शीतल चांदनी में सारी रात रखने से खीर का स्वाद तो हज़ार गुणित हो ही जाता है। आप सब भी बनाएं एक नई विधि से खीर जिसे मैंने अपनी मां से सीखा है।

सामग्री

दूध – एक लीटर
बासमती चावल – 50 ग्राम
देसी घी – दो टेबलस्पून
हरी इलाइची – 8-10
केसर – एक चुटकी
बादाम – 10-12
काजू – 10-12
पिस्ता – 10-12
सफेद (दक्षिणी) मिर्च – 8-10
पिसी चीनी (बूरा) – 3 टेबल स्पून (यदि अधिक मीठी रखनी है तो इसकी मात्रा बढ़ा दें)
सकोरे – 8-10

विधि

दो घंटे पहले काजू, बादाम, पिस्ता को पानी में भिगो दें साथ ही सकोरों को भी पानी में रख दें।

सकोरों को निकाल उल्टा रख पानी निचोड़ सुखा लें।

अब बनाने से एक घंटा पहले चावलों को भी भिगो दें व एक चम्मच गुनगुने दूध में केसर को भी भिगो लें।

तत्पश्चात बादाम व पिस्ता को छीलकर काजू सहित पतला पतला काट लें व दक्षिणी मिर्च व इलाइची को पीस कर रख दें।

अब पैन में दूध उबालें, उबाल आने पर चावल डाल धीमी आंच पर पका कर अच्छी तरह गाढ़ा (फिरनी की भांति) कर गैस बंद कर दें व पिसी इलाइची, पिसी दक्षिणी मिर्च व भीगा केसर डालकर अच्छी तरह मिलाएं।

सकोरों में एक एक बड़ा चम्मच खीर डाल ऊपर से दो टीस्पून पिसी चीनी की पर्त (लेयर) बिछा दें अब घी गर्म कर ऊपर से थोड़ा थोड़ा डाल दें ताकि बूरा जम जाए।

इसके बाद मेवा डाल चांदनी में रख दें व सुबह शीतल अमृत समान खीर अपने प्रियजनों को परोसें।

अनीता की रसोई से : लौकी की खीर

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