इतनी टुच्ची चीज़ पर मौत… कि मौत भी शर्म से बुर्का लपेट कर लेने आये

अफगानिस्तान में हाल ही में एक और हत्या हो गयी स्त्री की। वजह वह एक ब्यूटी ब्लॉगर थी और इंस्टाग्राम पर अपनी मॉडर्न फ़ोटो डालती थी।

मॉडर्न मतलब जीन्स टॉप में। उससे कम कपड़ो में मैं या कोई भी आम भारतीय औरत फ़ोटो डाल देती है, और रिश्तेदार से लेकर फेसबुक के दोस्त भी कभी विरोध के लिये नहीं आते।

मेरे शॉर्ट्स पहनने पर मेरी हत्या हो जाये, यह इस देश में मैं कल्पना भी नहीं कर सकती।

पर अफगानिस्तान में यह serial killing चल रही है और ऐसी कई औरतों को मारा जा चुका है। अब वहाँ दहशत का माहौल है और जो औरतें थोड़ी खुली थी, वापस बुर्के में बंद हो रही हैं।

ईरान में बस हिजाब के विरोध में कितनी औरतों को जेल में डाला गया, मारा-पीटा गया इसकी गिनती आप खुद कर लें। एक औरत ने लाल रंग का हिजाब पहना तो खुद औरतों ने उसकी पिटायी की, क्योंकि बेचारी पुरुषों की इंद्रियों में आग लगा रही थी।

पाकिस्तान में एक क्रिश्चियन औरत आयशा बीबी को जान से मारने की मांग रखी जा रही है, क्योंकि उसने उसी कप से पानी पी लिया जिससे मुस्लिम पीते थे। blasphemy हो गया।

पाकिस्तानी मॉडल कंदील बलूच का भाई जिसने उसकी हत्या की थी, अब जेल से बाहर आ चुका है। याद रहे, पाकिस्तान में बहुतों ने समर्थन किया था उसका यह कहते हुये कि ऐसी औरत मारे जाने लायक ही है।

मिस्र में बड़ा हंगामा मचा था जब एक स्त्री जो बुर्के में थी, सिर ढंकना भूल गयी और लहराते बालों के साथ एक सेल्फी ले ली। उसे जान मारने की इतनी धमकी मिली कि बेचारी को माफी मांग कर छिपना पड़ा। ज़िंदा है या नहीं, मुझे नहीं मालूम।

जब रवीश पूछते हैं, “अगर यह देश मुस्लिम बहुसंख्यक बन गया तो भी समस्या क्या है?”

तो सर, एक हिन्दू होने के नाते मुझे किसी भी धर्म से समस्या नहीं है, पर एक औरत/ इंसान होने के नाते तो बहुत ही ज्यादा समस्या है उस जहालत से जो इस्लाम लेकर आता है। इसीलिये मुझे समस्या है इस मज़हब के बढ़ने से।

मैं कम से कम इसीलिये तो कतई नहीं मरना चाहती कि मैं घुटने तक के कपड़े पहन कर घूमती हूँ। इतनी टुच्ची चीज़ पर मौत… कि मौत भी शर्म से बुर्का लपेट कर आये मुझे लेने।

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