स्वामी परिपूर्णानंद : दक्षिण भारत के भगवाकरण का शंखनाद

आज हैदराबाद में हिंदू वाहिनी के संस्थापक और श्री पीठम के महंत स्वामी परिपूर्णानंद ने विधिवत रूप से, अध्यक्ष अमित शाह और महामंत्री राम माधव की उपस्थिति में भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली है।

स्वामी परिपूर्णानंद का आना दक्षिण भारत के आंध्र और तेलंगाना जैसे राज्यों में भारतीय जनता पार्टी के लिए एक ऐसी उम्मीद की किरण है, जो भाजपा को निर्णायक बढ़त लेने में महत्वपूर्ण भूमिका में होंगे।

स्वामी परिपूर्णानंद, जिन्हें हिन्दू ‘दक्षिण के योगी आदित्यनाथ’ के रूप में देखते हैं उनका आना, निश्चित रूप से हिंदुत्व को राजनैतिक पटल पर और आक्रमक व प्रबल बनायेगा।

काकीनाड़ा में स्थित श्रीपीठम मठ के महंत स्वामी परिपूर्णानंद अपने तेज़ तर्रार भाषणों और उग्र हिंदुत्व के लिये खड़े हो कर ताल ठोकने के लिए प्रसिद्ध है।

मानें तो स्वामी परिपूर्णानंद 2019 के लोकसभा चुनाव में ग्रेटर हैदराबाद की संसदीय सीट से चुनाव लड़ सकते हैं। इसी के दम पर उन्होंने तेजी से दक्षिण भारत मे अपनी पहचान और कट्‌टर हिंदू समुदाय में पैठ बनाने में सफल हुये है।

इसी के चलते जुलाई 2018 में तेलंगाना पुलिस ने इनको हैदराबाद में प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया था, लेकिन अगस्त में आंध्र-तेलंगाना उच्च न्यायालय ने ये आदेश रद्द कर दिया था।

इसके बाद से ही उनके समर्थक खुल कर ओवैसी बंधुओ सहित इस्लामियों को चुनौती दे रहे है।

मेरा अपना आंकलन है कि स्वामी परिपूर्णानंद का भाजपा में आना दक्षिण भारत में इस्लाम और ईसाई शक्तियों को हिंदुत्व की धारदार चुनौती मिलनी तय है।

दक्षिण भारत के भगवाकरण होने का यह शंखनाद है।

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