अनीता की रसोई से : निशास्ता वाला दूध

यह दूध बहुत एनर्जी देता है। यदि आप व्रत में सिर्फ फलाहार करते हैं तो फल के साथ यह दूध लें थकान या कमज़ोरी महसूस नहीं होगी। इसे व्रत ही नहीं सामान्य दिनों में भी ले सकते हैं।

निशास्ता सामग्री

पोस्तादाना – दो टेबलस्पून
काजू – 20-25
बादाम – 20-25
पिस्ता – 15-20
हरी इलाइची – 8-10
खरबूजे के छिले बीज – आधा टेबलस्पून
कद्दू के छिले बीज – आधा टेबलस्पून
तरबूज के छिले बीज – आधा टेबलस्पून
देसी घी – एक टेबलस्पून
बूरा – एक टेबलस्पून

विधि

पोस्तदाना, काजू,बादाम, पिस्ता, खरबूजे, तरबूज व कद्दू के बीज रात में अलग अलग भिगो दें। सुबह बादाम पिस्ता व हरी इलाइची छील लें और सबका पानी निकाल पेस्ट सा बना लें।

अब पैन में घी गर्म कर सारा पेस्ट डाल धीमी आंच पर भूने। गुलाबी हो जाने पर बूरा डाल चलाएं। बूरा पानी छोड़ेगा इसलिये बराबर चलाते हुए थोड़ा और पकाएं।

जब पेस्ट गाढ़ा हो जाए (घी उतराने लगेगा) तब गैस बंद कर ठंडा कर कांच के जार या बाउल में रख फ्रिज में रखें।

और जब दूध पिएं तब एक चम्मच निशास्ता मिलाकर पिएं। यदि मीठा कम लगे तो चीनी मिला लें।

नोट

यदि सारी सामग्री को सिल बटने से पीस सकते हैं तो उसी से पीसें। सिल पर पीसने से इसकी तासीर ज्यादा ताकतवर होती है।

यह दूध यदि बच्चों को दे रहे हैं तो निशास्ता में 15-20 दक्षिणी मिर्च (सफ़ेद मिर्च) मिला लें। इससे आखों व मस्तिष्क को ताकत मिलती है।

बच्चों को एक सेव के साथ यह दूध देनें से वह दिनभर ऊर्जित रहेंगे।

सर्दियों में इस दूध में एक चुटकी केसर डालें।

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