आत्महंता हिंदू ही कर सकते हैं प्रयागराज की पुनर्स्थापना मात्र पर इतना बवाल

‘दुर्घटनावश हिंदू’ जवाहरलाल ने इस देश की प्रज्ञा के साथ जो बलात्कार किया है, उसे जान लेने के बाद किसी भी भले भारतीय को उनसे उत्कट स्तर की चिढ़ होनी ही चाहिए। अपने अज्ञान, भ्रम, अहंकार, दंभ औऱ बंदर की तरह नकल में उन्होंने इस देश की आत्मा और अस्मिता को ही रौंद कर रख … Continue reading आत्महंता हिंदू ही कर सकते हैं प्रयागराज की पुनर्स्थापना मात्र पर इतना बवाल