किताबों की दुनिया : I LOVE YOU

क्या हुआ कि चेतन भगत अंग्रेजी भाषा में कुछ किताबें अपने पाठकों को दे चुके हैं। कुलदीप राघव की किताब ‘आई लव यू’ राष्ट्रीय भाषा में लिखी गई है जो पाठकों के दिल में घर कर जाएगी। यह मेरा विश्वास है।

अब बात करते हैं इस कहानी के शुरुआत से अंत तक के सफर की। मुझे यह कहानी, उसके पात्र और उनकी किरदार यथार्थ के बेहद करीब लगे।

लेखनी बहुत अच्छी है। पर कहीं-कहीं संवाद कुछ लंबा चला गया हो, ऐसा लगा। पर यह कोई त्रुटि नहीं है।

अच्छी बात यह है कि कहानी पारिवारिक मूल्यों के इर्द-गिर्द घूमती है पर फिर भी इसमें आधुनिकता को भी बिना कोई लक्ष्मण रेखा लांघे हुए बहुत खूबसूरती से समाहित किया गया है।

ऐसा बेटा और ऐसे परिवार और विशेष तौर पर ऐसा हमसफर, हर कोई दूसरे की खुशी के लिए कुछ त्याग करने को खुशी-खुशी तैयार है।

यह आज के दौर में एक दूसरे को पीछे छोड़ने, पछाड़ने और सिर्फ अपनी सुविधाओं और हितों का ध्यान रखने वालों को झकझोरने या यूँ कहें कि उन्हें इतना सबक या अहसास दिला सकती है कि ऐसा भी एक रास्ता, एक सफर है जहां सब एक दूसरे की भावनाओं और खुशी का ख्याल रखते हुए भी बहुत खुशी-खुशी रह सकते हैं।

हां चूंकि जीवन सुख-दुःख का संगम है तो कभी तो छोटे-बड़े दुःख भी होंगे। मन उदास भी होगा। हम साथ हैं तो सब ठीक भी कर लेंगे।

शुभकामनाओं के साथ

– संजीव अंदोत्रा

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