ME TOO : क्या हम इसके दीर्घकालीन प्रभावों के लिए तैयार हैं?

ढेरों बातें आती हैं मन में। हर बार उंगलियाँ उठती हैं, पर फिर मिटा देती हूँ। पता नहीं क्यों, लेकिन कभी कभी लगने लगता है कि लोग जानबूझ कर अंधे और बहरे बन रहे और ऐसे में कुछ भी कहना बेकार है। फिर भी, आज पिछले कुछ दिनों से हर तरफ यह #me_too वाली जो … Continue reading ME TOO : क्या हम इसके दीर्घकालीन प्रभावों के लिए तैयार हैं?