अनीता की रसोई से : व्रत की पकौड़ी वाली कढ़ी

सामग्री

कच्चे आलू – दो मध्यम आकार के
कुट्टू या सिंघाड़े का आटा – दो टेबलस्पून
कढ़ी पत्ता – 8-10
साबुत लालमिर्च – 2
घी – दो छोटे चम्मच
हरी मिर्च – 2
पिसी कालीमिर्च – चौथाई छोटा चम्मच
जीरा – चौथाई छोटा चम्मच
हींग – एक चुटकी
अदरक – एक टुकड़ा
कटा हरा धनिया – एक टेबलस्पून
दही – 200 ग्राम
तेल – तलने के लिए
सेंधानमक – स्वादानुसार

विधि

दही को मिक्सर में चलाते हुए मठ्ठा बना लें।

चलाते समय इसमें एक टेबलस्पून कुट्टू या सिंघाड़े का आटा डाल दें। दोनों अच्छे से मिल जाएंगे।

अब आलुओं को किस लें और पानी से हाथ से मसल कर धो लें ताकि स्टार्च निकल जाए।

अब इसे हाथ से भलीभांति निचोड़कर एक बाउल में रखें व इसमें एक कटी हरीमिर्च, किसा अदरक, नमक व बचा हुआ एक टेबलस्पून कुट्टू या सिंघाड़े का आटा मिला दें।

फिर कड़ाही में तेल गर्म कर छोटी छोटी पकौड़ियां बना लें।

इसके बाद कड़ाही से तेल कम कर हींग, जीरा व पिसी कालीमिर्च डालकर मठ्ठे वाला घोल डाल दें व उबाल आने तक बराबर चलाते रहें। यदि आपको अधिक गाढ़ा लगे तो उसमें आधा कटोरी पानी डाल दें।

उबाल आने पर आलू वाली पकौड़ियां व नमक डाल पांच सात मिनट पकने दें। अब गैस बंद कर हरा धनिया डालें।

एक पैन में घी गर्म कर, दो लाल मिर्च तोड़कर डालें व कढ़ी पत्ता डाल कर ऊपर से कढ़ी में छौंक लगा दें व गर्म गर्म कढ़ी समा के चावलों के साथ परोसें।

नोट

– पिसी लालमिर्च यदि व्रत में इस्तेमाल करते हों तो डाल सकते हैं।
– आलू के स्थान पर लौकी भी ले सकते हैं।

थाती बिहार की : जीवित्पुत्रिका व्रत का नहाय-खाय!

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