ME TOO : बिना तैयारी के यह ओढ़ी हुई आधुनिकता बहुत भारी पड़ गई

ऊँट बैल का साथ हुआ है, कुत्ता पकड़े हुए जुआ है । यह संसार सभी बदला है फिर भी नीर वही गदला है, जिससे सिंचकर ठण्डा हो तन, उस चित-जल का नहीं सुआ है … – सूर्यकान्त त्रिपाठी निराला सत्तर के शरुआती वर्षों का एक वीडियो है। बंबई में फिल्मफेयर पुरस्कार की शाम है । … Continue reading ME TOO : बिना तैयारी के यह ओढ़ी हुई आधुनिकता बहुत भारी पड़ गई