माय लॉर्डशिप, सोशल मीडिया पर रोक लगाइए

हे उच्चासन पर बैठे न्यायधीशों। बाक़ी सब तो ठीक है, लेकिन इस सोशल मीडिया के दौर में अभागों ने आपके कई राज़ उखाड़ने शुरू कर दिए हैं, यह ठीक नहीं है।

अब देखिए न, लगभग पूरा देश जान गया है कि कुल 150-200 परिवारों ने ही पूरी भारतीय न्याय व्यवस्था को बंधक बना रखा है और वे अभागे कॉलेजियम को ही खत्म करने पर आमादा हो गए हैं। बताइए, भला ऐसे होता है कहीं…

माय लॉर्डशिप…

इस देश के पहले पीएम ‘दुर्घटनावश हिंदू’ जवाहरलाल ने सारी व्यवस्था ऐसी की थी कि उनके सांस्कृतिक तौर पर अंग्रेज़ मन को ठेस न पहुंचे। आप लोग इसी का अंग थे।

अब नेहरूजी ने तो केवल कुर्सियों पर टिकने वाले नितंब बदले थे, ताकि उनको सब कुछ वैसा ही लगे, जैसा अंग्रेजों के समय था।

देखिए न, इन काले गुलामों की इतनी मजाल हो गयी कि वे कॉलेजियम पर सवाल उठा रहे हैं…! अरे, शुद्ध रक्त कुछ होता है कि नहीं… आप लोग पीढ़ी दर पीढ़ी इन काले गुलामों को न्याय के नाम पर घंटा दे रहे हैं, फिर भी ये बेमुरव्वत…..।

हे उच्चासन पर बैठे न्यायाधीशों…

आपने नक्सली गौतम नवलखा को जमानत दी, तो ये जाहिल आपकी पत्नी से उसके हितों को सधता देखने वाली खबर छापने लगे।

आपने हिंदू धर्म को कबीलाई अंधकार से निकालने की कोशिश की, उसे अब्राहमिक रिलीजन और मजहब जैसा प्रगतिशील बनाने के लिए दही-हांडी की ऊंचाई से लेकर जलीकट्टू और सबरीमाला में हिंदू स्त्रियों के प्रवेश तक जैसे ऐतिहासिक और कतई ज़रूरी फैसले दिए, ये मूर्ख हलाला, मुताह, कॉमन सिविल कोड जैसी बकवास बातें उखाड़ रहे हैं।

इन जाहिलों को पता ही नहीं कि नन्स का विवाह तो यीशु से होता ही है और यीशु के प्रतिनिधि कौन…? पादरी!… तो अगर कुछ पादरियों ने सैकड़ों नन्स का बलात्कार कर ही लिया तो उसे मुद्दा बनाने की ज़रूरत क्या है…

आपने तो हिंदू पुत्रियों को धर्म-परिवर्तन के बावजूद संपत्ति में हक दिया है, क्या प्रगतिशील फैसला है। अब, ये कह रहे हैं कि इससे धर्म-परिवर्तन को बढ़ावा मिलेगा… जाहिल कहीं के। अब ये हिंदू कह रहे हैं कि इमराना पर फैसला लाओ, मेरठ वाले उस बाप पर फैसला लाओ, जो अब अपनी बहू के साथ हलाला कर उसे छोड़ने को राजी नहीं है…

ये सब कुछ उदाहरण मात्र हैं, माय लॉर्डशिप। दरअसल, तकनीक ने अब सारे राज़ फाश कर दिए हैं। इसीलिए, मेरी इल्तजा है कि जल्द से जल्द सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाएं… जाहिल हिंदुओं की नकेल कसी जाए।

हिंदू की उग्रता के ज़िम्मेदार आप हैं, माय लॉर्डशिप…

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