जल्दी ही इनको वहां से भी उखाड़ना होगा

आपको याद है, 2017 के विधानसभा चुनाव से पहले मैं बहुत मुखर हो के लिखता था कि आम आदमी पार्टी (AAP) पंजाब में खालिस्तानियों के समर्थन से चल रही है।

ये पार्टी खालिस्तानी एजेंडा पर चल रही है। इसे UK, Canada और NewZealand एवं अन्य यूरोपीय देशों में बैठे खालिस्तानी फंड कर रहे हैं। इसके लिए जनसमर्थन भी वही जुटा रहे हैं।

ऐसा मैं इतने आत्मविश्वास से इसलिए कह पाता था क्योंकि मैं इस गिरोह को इसके जन्म के पहले से ही watch कर रहा था। जब ये पार्टी अन्ना के पेट में थी… मने जब अन्ना के पेट में कांग्रेस और शहरी नक्सलियों (Urban Naxals) की ये नाजायज़ औलाद पल रही थी, मैं तब से इसे watch कर रहा हूँ।

जब अन्ना रामलीला मैदान में अनशन पर बैठे थे तो हम भी यहां पंजाब में “मैं भी अन्ना” वाली टोपी लगा के दिन रात सड़क किनारे बैठ के पोस्टर बनाते थे और दिन भर धूप में खड़े रहते और कोई पंजाबी हमारी ओर ताकता तक न था, समर्थन देना तो दूर की बात।

उसके बाद, जबकि केजरू गिरोह ने AAP बना ली, और दिल्ली में इसका बहुत buzz था, तो भी पंजाब में कोई पूछने वाला न था।

फिर हुआ यूँ कि पंजाब पुलिस के एक रिटायर्ड डीजीपी जिसका नाम शशि कांत था उसने पटियाला की एक AAP की मीटिंग में एक वक्तव्य दिया… संत जी मने संत जरनैल सिंह भिंडरांवाले तो एक पहुंचे हुए संत थे, बहुत बड़े समाजसुधारक थे… अगर वो ज़िंदा रहते तो पंजाब में आज ड्रग्स की समस्या न होती।

पुलिस का एक रिटायर्ड डीजीपी एक AAP नेता बन एक आतंकी के बारे में ये बात कहे तो हमारे कान अल्सेशियन कुत्ते की माफिक खड़े होना लाज़मी था… मुझे याद है, मैंने तुरंत फेसबुक पोस्ट लिखी थी… पंजाब में AAP खालिस्तानियों की गोद में…

उसके बाद मैने यहां AAP को पग पग, पल पल watch करना शुरू किया और जिस पार्टी का कल तक कोई नाम न जानता था उसे प्रचंड जनसमर्थन मिलने लगा… खोजा तो पाया कि ये जनसमर्थन तो धर्म की चाशनी में लिपटा Canada, UK से आ रहा था।

फिर मनीष सिसोदिया का दुबई शारजाह, middle east दौरा हुआ और Canada, UK दौरा हुआ… उसके बाद तो लगा कि वाकई 2017 में AAP 100 सीट जीत जाएगी… इतना प्रचंड जनसमर्थन था जिसकी आप कल्पना नहीं कर सकते… इससे पहले 2014 में 4 लोकसभा सीट जीतने का ट्रेलर तो हम देख ही चुके थे।

फिर 2017 के चुनाव से पहले सोशल मीडिया पर AAP के इस खालिस्तानी एजेंडा के खिलाफ खुल के लिखा जाने लगा… मुख्यधारा की मीडिया और न्यूज़ चैनल तो इनसे पैसे खा के इन्ही के पक्ष में लिख रहे थे, इनकी हवा बना रहे थे… इनको नंगा कर रहा था सिर्फ फेसबुक और व्हाट्सएप पर हम राष्ट्रवादियों का ग्रुप।

मुझे याद है, उस दौर में मैंने 100 से ज़्यादा पोस्ट इसी विषय पर लिखी थीं… फिर जब चुनाव एकदम सिर पर आ गया तो भाजपा हाई कमान ने ज़मीनी हकीक़त को समझा, बादल साहब के साथ understanding बनी और 60 से ज़्यादा सीटों पर कांग्रेस को tactical vote शिफ्ट करा के जिताया गया।

वोट से सिर्फ 4 – 5 दिन पहले मौड़ मंडी का बम विस्फोट और सोशल मीडिया में वायरल हुई वो वीडियो जिसमे वो सिख युवक कृपाण लिये एक नाई को धमका रहा… इसने 80 – 90 के दशक के उन काले आतंकवाद के दिनों की याद ताज़ा करा दी और हिन्दू वोट भी AAP से हट के कांग्रेस की तरफ शिफ्ट हो गया। हमारे जैसे लोगों ने तो खुल के, सरेआम कांग्रेस को वोट देने की अपील की थी।

अब जबकि Republic TV पर Canada के खालिस्तानी आतंकियों का स्टिंग प्रसारित हुआ तो उन्होंने हमारी सारी थ्योरी को सही सिद्ध किया है। स्टिंग में वो आतंकी कैमरा पर कहता है कि हाँ हम भारत को तोड़ना चाहते हैं, हम भारत के टुकड़े टुकड़े करना चाहते हैं। इसमें कश्मीरी अलगाववादी, माओवादी, कम्युनिस्ट और AAP हमारे साथ हैं।

वो आगे कहता है… हाँ, हम AAP को फंड करते हैं… AAP is nothing… It’s a Vessel… It means nothing… It stands for nothing… We were campaigning for AAP… हमने तो 95 सीटें जीत ली थीं, हमको तो EVM में हेराफेरी कर हरवा दिया गया।

कल्पना कीजिये कि AAP वाकई पंजाब जीत गयी होती… आज पंजाब के CM पद पर कोई खालिस्तानी कठपुतली बैठी होती… ये हमारा सौभाग्य है कि आज पंजाब में AAP का बुलबुला फूट चुका है… अब इनका कोई नामलेवा नहीं बचा है… पर याद रखिये कि ये देशद्रोही, Urban Naxals, खालिस्तानी अब भी देश की राजधानी दिल्ली में जमे हुए हैं।

बहुत जल्दी इनको वहां से भी उखाड़ना होगा।

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