थाती बिहार की : जीवित्पुत्रिका व्रत का नहाय-खाय!

चूंकि जितिया व्रत वंश वृद्धि और संतान की समृद्धि के लिए किया जाता है इसलिए इस पर्व में ऐसी चीजें खाई जाती हैं, जो ज्यादा फैलने वाली होती हैं। नोनी का साग थोड़ी-सी ज़मीन पर लगा देने से वह बहुत ज़्यादा पसर जाता है। इसी तरह मड़ुआ का आटा भी गुंथने के बाद खूब फैलता है। इसलिए इनको वंश वृद्धि का प्रतीक माना जाता है।

मड़ुआ के आटे की रोटी

सामग्री – मड़ुआ का आटा २५० ग्राम, घी १ चम्मच

विधि – एक बाउल में आटा डालकर थोड़ा गरम पानी से गुंथ ले। तवे को डीप गर्म करे. तब तक हाथ पे आटा लेकर दोनों हथेलियों से गोल-गोल करके तवे पर फैला दें, उलट-पुलट करके सेंक ले, सिंक जाए तो घी लगाकर निकाल लें।

नोनी के साग का चक्का (भाजी)

सामग्री– नोनी का साग २००ग्राम, प्याज १ मध्यम आकार का (बारिक कटा), हरी मिर्च २ पीस (कटे हुए), क्रश किया लहसुन-अदरक १ चम्मच, अजवाइन १/२ चम्मच, धनिया पत्ती १ चम्मच, बेसन ३/४ चम्मच, नमक स्वादानुसार, तलने के लिए तेल

विधि – नोनी के साग को थोड़ा पानी डालकर ३/४ मिनट तक उबालें फिर उसे छानकर ठंडा कर लें। फिर उसमें हरी मिर्च, क्रश किया अदरक-लहसुन, अजवाइन, प्याज, धनिया पत्ती, बेसन इन सबको मिक्स कर लें।
कड़ाही को गर्म करें उसमें तेल डालें गरम हो जाने पर मिश्रण में से थोड़ा-थोड़ा लेकर कड़ाही में डालकर बादामी रंग का होने तक तल लें।

सुतपूतिया झीगूनी

सामग्री – सुतपूनितिया झीगूनी २५० ग्राम कटे हुए, आलू २ कटे हुए, टमाटर १, सरसो पेस्ट १ चम्मच, लाल मिर्च पाउडर १/४ चम्मच, हल्दी पाउडर १/४ चम्मच, लहसुन का पेस्ट १/२ चम्मच, नमक स्वादानुसार, तेल २ चम्मच
विधि: कड़ाही को गर्म करके आलू और सुतपूतिया झींगूनी को २ मिनट तक भूनें फिर मसाला, नमक, टमाटर डालकर ५ मिनट तक भूनें उसके बाद पानी डालकर सीझने तक पकाएं।

पोठिया मछली

सामग्री – पोठिया मछली १०० ग्राम, लहसुन का पेस्ट १/२ चम्मच, हल्दी पाउडर १/२ चम्मच, नमक स्वादानुसार, तलने के लिए तेल

विधि – मछली को साफकर धो लें। उसमें लहसुन का पेस्ट, हल्दी पाउडर, नमक स्वादानुसार डालकर मिक्स कर लें उसके बाद कड़ाही को गर्म करके तेल डालकर गरम करें फिर सबको थोड़ा- थोड़ा डालकर सुनहरा होने तक तल लें।

चित्र साभार – कल्याणी मंगला गौरी

इंद्र के भोज जैसा अनुभव देती काचरी की चटनी और एक किलो आटे से बना रोट

Comments

comments

loading...

LEAVE A REPLY