वीडियो : मोदी से कौन परेशान है? मोदी ने क्या किया?

मोदी ने देश को गलत ट्रैक से सही ट्रैक पर लाने का कार्य किया है। जो गलत ट्रैक पर थे उनको मोदी कहां अच्छा लगेगा?

ज़ाहिर सी बात है मोदी से नाराज़ होंगे क्योंकि दलाली, चोरी से ही तो घर चलता था। बड़ी बड़ी आलीशान बिल्डिंग और महल बना रखे थे, कई बेनामी प्रॉपर्टी खरीद रखी थी, नोटों के बंडलों का बिस्तर होता था…

सब एक झटके में खत्म….

सोचिए इन चार वर्षो में मोदी ने देश का पूरा सिस्टम ही बदल डाला है। कितना बड़ा काम है ये, जीएसटी, डिजिटल पेमेंट इत्यादि को सफल बना दिया इतने कम समय में…

भारत में तो कुछ अच्छा करने पर सरकारें गिर जाती है, लेकिन यह पहली बार है कि देश की जनता का विश्वास नरेंद्र मोदी पर से एक पल के लिए भी डिगा नहीं है… देखते ही देखते 21 राज्यों में सरकार बन गई।

जो कहते हैं मोदी लहर खत्म है, वो ही मोदी लहर के डर से ठगबंधन कर रहे हैं। इससे पता चलता है कि क्या खत्म है।

कई बड़ी योजनाएं आज सफलतापूर्वक चल रही हैं, एक सामान्य गरीब नागरिक को उसका फायदा मिल रहा है। वरना कभी किसी ज़माने में एक रुपया ऊपर से चलता था तो पंद्रह पैसे ही नीचे तक पहुंच पाते थे, मतलब पचासी पैसे की लूट तो बीच में ही हो जाती थी।

डीबीटी यानी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर से चार सालों में 90 हज़ार करोड़ रुपया बचाया जो कभी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाता था।

उज्ज्वला, आवास, सौभाग्य और अब आयुष्मान भारत जैसे बड़ी योजनाएं कैसे सफल हो रही हैं? यह मोदी जी की साफ नीयत का ही परिणाम है। जिन लोगों को लगता है कि ज़मीनी स्तर पर कुछ हुआ ही नहीं है, जाहिर सी बात है कि उन्हें लगेगा ही, क्योंकि 2014 से पहले सच में ज़मीनी स्तर का दायरा बहुत छोटा था, कुछ होता ही नहीं था… परन्तु आज ज़मीनी स्तर का दायरा पूरे भारत को, यहां तक कि भारत के दूर दराज के इलाकों, गांवों को भी जहां मात्र 400-500 की आबादी है, कवर कर रहा है।

वरना क्या कारण हो सकते है कि एलिफेंटा द्वीप पर 70 वर्षो तक बिजली नहीं थी, आज 70 वर्षो बाद समुद्र के अंदर केबल बिछा कर बिजली पहुंचाई गई है…

क्या कारण है…? भारत का नॉर्थ ईस्ट के राज्य जिसको चीन हड़प लेना चाहता है, वहां तक किसी भी तरह की कनेक्टिविटी नहीं थी, लेकिन आज चार वर्षो बाद देश के सभी राज्य और उनकी राजधानियां एयर-वे, रेल-वे, हाई-वे, और अब तो वॉटर-वे से भी जोड़ी जा रही हैं।

भारतीय रेलवे की बात करें तो रेल कनेक्टिविटी की समस्या से देश के कई इलाके जूझ रहे थे, ट्रेनों की लेट लतीफी से जनता परेशान थी और दुर्घटनाओं के कारण एक भय अलग बना रहता था। लेकिन आज ईस्टर्न और वेस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर बनाए जा रहे हैं, जिस पर सिर्फ मालगाड़ियां ही चलेंगी, ट्रैक का दोहरीकरण किया जा रहा है, सभी रेल रूटों का विद्युतीकरण किया जा रहा है, और विभिन्न सुरक्षा उपाय किए गए है जिसके कारण रेल दुर्घटनाओं में कमी आई है।

गवर्नेंस की बात करें तो 4 साल पहले सरकारी सेवा का लाभ जनता को कैसे मिलता था, ये सभी अच्छी तरह से जानते हैं। आज चार साल बाद सरकारी सेवा अधिकतर ऑनलाइन कर दी गई है, अब लंबी लंबी लाइनों में नहीं लगना पड़ता है, कोई फॉर्म भरने के लिए, राशन या गैस सिलेंडर लेने के लिए… लगभग सभी चीजें ऑनलाइन हैं, ट्रांसपेरेंसी है, और सुविधाजनक है। गुड गवर्नेंस इसी को तो कहते है।

देश की सुरक्षा और विदेश नीति में भारत का लोहा पूरा विश्व मान रहा है, मोदी राज में कश्मीर को छोड़ कर, एक भी आतंकवादी घटना देश के अंदर नहीं घटित हुई है। यह दर्शाता है कि देश की आंतरिक सुरक्षा पर मोदी सरकार ने कितना बड़ा कार्य किया है। विदेश नीति से तो सब परिचित ही हैं, आज भारत अपने से छोटे देशों को ऋण देता है, कमजोर देशों की मदद कर रहा है, अफगानिस्तान में तो एक स्टेडियम बनवा कर दिया है, और बांग्लादेश में विद्युत संयंत्र लगा रहा है, भूटान के लिए चीन से टक्कर ले रहा है।

सेना की बात करें तो भारतीय सेना लगातार पिछले 4 वर्षो में मज़बूत होती जा रही है, करोड़ों अरबों के रक्षा सौदों की खरीद चल रही है। चिनुक, अपाचे, और राफेल जैसे विमानों की खरीद चल रही है। भारत ने कई देशों में अपने सैन्य अड्डे बना लिए हैं।

एक समय था कि चीन ने भारत को आंख दिखाते हुए बोला था हिन्द महासागर किसी के बाप की जागीर नहीं है, हमारा जब मन करेगा हम हिन्द महासागर से गुज़र के जाएंगे। और आज भारत ने भूटान, वियतनाम इत्यादि छोटे छोटे देशों को मिलाकर चीन को घेर लिया है… आज भारत ने चीन को बता दिया है कि दादागिरी अपने घर में ही दिखाना, अब हिंदुस्तान बदल चुका है जो उसे उसी की भाषा में जवाब देगा।

ज़मीनी स्तर और गरीबों की बात करें, सामान्य नागरिक की बात करें तो लगभग सभी मोदी सरकार के कार्यों से प्रसन्न हैं और दुबारा मोदी जी को चुनेंगे क्योंकि मोदी जी की नीयत साफ है। ‘सबका साथ सबका विकास’ की राजनीति से तुष्टिकरण और जात पात की राजनीतिक को समाप्त कर रहे हैं।

विपक्ष मोदी पर तरह तरह के आरोप लगा रहा है पर लोगों को पता है कि 2014 में उन्होंने जिस व्यक्ति को चुना था, उससे बेहतर और ईमानदार नेतृत्व नहीं मिलेगा। कहीं ना कहीं देश की जनता भी मोदी और ठगबंधन के बीच का अंतर जानती है।

2022 तक एक नया भारत बनेगा और बन के रहेगा इसी लक्ष्य के साथ मोदी जी कार्य कर रहे हैं, जिसमें देश की जनता उनके साथ है, और लोकतंत्र में संख्याबल का बहुत महत्व होता है। संख्याबल मोदी जी के साथ है। जिसको विरोध करना है, करता रहे। गाली देनी है, देता रहे पर एक बात अच्छे से जान ले और समझ ले कि 2019 में आएंगे मोदी ही।

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