हिन्दुओं में फूट डालो ताकि मोदी को हटाया जा सके : पाक की राहुल को सलाह

मोदी सरकार बनने के बाद आप सभी ने देखा होगा कि देश भर में जातिवादी संगठनों और उनके आंदोलनों की संख्या काफी बढ़ गयी थी. कभी दलित आन्दोलन तो कभी सवर्ण आन्दोलन, तो कभी देशभक्त हिन्दुओं को भड़काने के लिए धार्मिक मुद्दों पर हिन्दुओं को मोदी के खिलाफ भड़काना और ऐसे मुद्दों पर भड़काना जिन मुद्दों पर स्वयं कांग्रेस कोर्ट के अन्दर हिन्दू समाज की खिलाफत कर रही है.

तमाम तरह के प्रायोजित साधू संत की मदद से हिन्दू समाज को भड़काना. ये काम तभी से शुरू हो गया था जब मोदी देश के प्रधानमन्त्री बने थे. कांग्रेस की यह साजिश ऐसी कि बड़े बड़े ज्ञानी पंडित जी और ठाकुर साहब भी इसका शिकार बन गए.

इधर पाकिस्तान के लिए भी मोदी सरकार गले की फांस जैसी. पाकिस्तान के लिए सबसे बेहतर साबित होती है कांग्रेस की सरकारें या फिर मिलीजुली सेक्युलर सरकारें. कारण यह कि कांग्रेस और पाकिस्तान का पुराना याराना रहा है. जिन्ना और नेहरु दोनों ने सत्ता की भूख के कारण आपस में मिल के हिन्दुस्तान के दो टुकड़े कर ही लिए थे.

भारत में जब जब कांग्रेस या कांग्रेस की विचारधारा की कट्टर विरोधी पार्टी की सरकारें बनी हमेशा ही पाकिस्तान को समस्या महसूस हुयी. वर्तमान की मोदी सरकार आज़ाद भारत की पहली कांग्रेस विरोधी पूर्ण बहुमत की सरकार बनी तभी से ये सरकार पाकिस्तान की आँखों में कांटे की तरह चुभ रही है.

ठीक उसी तरह जैसे नेहरु गांधी परिवार और उसके अन्य राजनैतिक प्यादों के चुभ रही है. मोदी सरकार बनने के बाद जब भी कांग्रेस के नेता पाकिस्तान जाते तो पाकिस्तान से गुहार लगाते पाए गए कि मोदी को हटाओ और हमें भारत की सत्ता में वापस लाओ. अभी आप सभी ने सुना होगा कि पाकिस्तान के एक नेता ने भविष्यवाणी की है कि मोदी के जाने का समय आ रहा है और राहुल गांधी भारत के अगले प्रधानमंत्री बनेंगे.

पाकिस्तान की इस टिप्पणी से काफी पहले पाकिस्तान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने राहुल गांधी को सलाह दी थी कि अगर मोदी को सत्ता से हटाना है तो हिन्दुओं को आपस में लड़ा दो, उन्हें आपस में बाँट दो. इस टिप्पणी के सन्दर्भ में आप पिछले 4 साल के दौर में कांग्रेस के आचरण तथा जातिवादी आंदोलनों तथा दंगो के इतिहास को याद कर सकते हैं.

पाकिस्तान का मकसद : भारत में कांग्रेस सरकार की वापसी, मोदी का पतन

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