कश्मीर घाटी को ‘जाफना’ बनाने की हिम्मत तो लाइये

यह भारत-पाक की असली जंग है। देश मे रह रहे करोड़ों लोग और कश्मीर घाटी के अधिकांश लोग इस 71 साल से चल रही जंग में पाकिस्तान के साथ खड़े हैं।

उन लोगों की मनःस्थिति स्पष्ट है कि हिन्दुयुक्त भारत उनका दुश्मन है… जिसको गज़वा ए हिन्द के तहत युद्ध के इस अंतिम चरण में खत्म कर दिया जाना है।

इस खूनी शतरंज में एक तरफ युद्ध विशेषज्ञ… अंतहीन युद्धों में विश्वास रखने वाले हमारे खून के प्यासे जिहादी बैठे हैं… दूसरी तरफ दसियों साल से आधे-अधूरे मन से सफेद कबूतर उड़ाने वाले और वसुधैव-कुटुंबकम के नारे लगाने वाले बैठे हैं जो इस युद्ध को युद्ध मानने के लिए तैयार ही नहीं हैं।

लाखों परिवार तबाह हो चुके हैं… पाकी आतंकी हमलों में… मगर सुषमा जी न्यू यॉर्क में पाकी विदेशमंत्री से बातचीत के लिए तैयार बैठी हैं… BSF जवान की कटी-फटी लाश सोनीपत में रखी थी… दिल्ली में विदेश मंत्रालय पाक के साथ बातचीत की ‘शुभ सूचना’ दे रहा है!

मैंने पाकी कठमुल्लों को तकरीर और खुतबों में यह कहते सुना है कि पाकिस्तान के मोमिनों की पैदाइश ही काफिर-युक्त भारत को परमाणु हमले में तबाह करने के लिए हुई है!

एक मोमिन का जन्म इस्लाम के लिए जान देने के लिए ही हुआ है… उसे इसीलिए गाज़ी कहा जाता है! मसूद अज़हर और हाफिज सईद जैसों का मानना है कि मोमिन की असली ज़िन्दगी तो जिहाद करते हुए मर-जाने के बाद ही शुरू होती है… पाक के सभी स्कूल और 20 हज़ार मदरसे हर पैदा होने वाले बच्चे को यही सिखाते हैं…

इमरान सरकार आने के बाद आज पाकिस्तान में परमाणु हथियारों तक हर उस आदमी की पहुंच है जो हिंदुनिष्ठ भारत से नफरत करता है… भारत के वह राज्य परमाणु हमले के लिए निशाना हो सकते हैं, जहां मोमिन आबादी कम है, जैसे गुजरात, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्यप्रदेश या दिल्ली (?)…

यदि हमारी सरकारों ने पाकिस्तान को ठीक से नहीं समझा… तो तबाही मुँह बाये खड़ी है… गौर से देखिए युद्ध और अघोषित युद्धों में भारत से ज़्यादा किसी देश ने तबाही और जनहानि नहीं झेली है…

हमने तो जैसे कुछ सीखा ही नहीं है, जब हमने सर्जिकल स्ट्राइक की तो TV और तमाम मीडिया में अन्धाधुंध प्रचार किया गया… अपनी पीठ ठोकी गई… बदले में पाकिस्तान ने पुखरायां में ट्रेन गिराकर 150 लोगों को मार डाला…

बाद में ट्रेन गिराने वालों ने इस आरोप को स्वीकार किया… कि पूरी फंडिंग पाकिस्तान से हुई थी और कुछ पाकियों और पाकी स्लीपर सैल्स ने इस घटना को अंजाम दिया था…

एक सप्ताह पहले ही जब पाकी आतंकी को मार कर सड़क पर खींचे जाने का वीडियो 48 घंटे तक खबरिया चैनलों पर चलाया जा रहा थी… दिल्ली में बैठे भाजपा के प्रवक्ता अपनी पीठ ठोंक रहे थे…

तब ही मुझे एहसास हुआ था कि पाक और घाटी में बैठी जेहादी बैटरी इसका बदला न ले! परसों BSF जवान की निर्मम और दुर्दांत हत्या उसी सड़क पर मृत आतंकी को खींचे जाने का बदला है… आतंकियों ने बता दिया है!

जनाब यह पूर्ण युद्ध है, इसे स्वीकारिए… युद्ध में सब कुछ होता है… मग़र कैमरों के सामने नहीं… निर्मम सैनिक घटनाओं पर अपनी पीठ नहीं ठोकी जाती है… उससे राजनीतिक फायदा उठाने का प्रयास नहीं किया जाता है!

हिटलर ने 60 लाख यहूदी गैस चैंबर में जलाकर मार डाले, मग़र यह घटनाएं हिटलर के मरने के बाद ही पता चलीं। वहीं जापान ने पर्ल हार्बर पर हमला कर सैकड़ों अमरीकियों को मार डाला और अपनी खुल कर पीठ ठोंकी, चेतावनियां दीं। बदले में जापान को अमरीकी परमाणु हमला झेलना पड़ा। जापान बर्बाद हो गया… सबक सीखिए… सबक…

इसके बरअक्स देखिए… चीन शेन-जियांग में दसियों हज़ार उइगुर मोमिनों को चुपचाप ठिकाने लगा चुका है! उइगुर मोमिनों की मस्जिदें, मदरसे तबाह कर दिए गए है… उइगरों की मज़हबी किताबों की होली जलाई जाती है… दाढ़ी और बुरका प्रतिबंधित है… मगर ये सब चलता है चुपचाप… बगैर प्रचार… बगैर अपनी पीठ ठोंके…

आतंक और युद्धों से हमें राजनीतिक फायदा लेने की आदत छोड़नी होगी… कश्मीर में मीडिया को प्रतिबंधित करिए… बेशक, घाटी को ‘जाफना’ बनाने की हिम्मत तो लाइये…

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